धर्मशाला, 21 मई । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणियों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी द्वारा देश के शीर्ष लोकतांत्रिक नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण में समर्पित संगठन के लिए 'गद्दार' जैसे शब्दों का प्रयोग करना उनकी राजनीतिक हताशा और मानसिक दिवालियापन को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी इस घिनौनी टिप्पणी के लिए देश की जनता, प्रधानमंत्री और संघ से तुरंत बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
वीरवार को जारी एक प्रेस बयान ने संजय शर्मा ने कहा कि जिस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देश पर आए हर संकट, चाहे वह सीमा पर युद्ध हो या प्राकृतिक आपदा, में सदैव अग्रिम पंक्ति में रहकर देश की सेवा की है। ऐसे संगठन पर उंगली उठाने का अधिकार राहुल गांधी और उस कांग्रेस पार्टी को कतई नहीं है जिसका अपना इतिहास देश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ खिलवाड़ करने का रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रभक्ति का झूठा सर्टिफिकेट बांटने वाले राहुल गांधी को पहले अपने परदादा से और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल के काले पन्नों को पलटना चाहिए और देखना चाहिए कि देश के साथ ग़द्दारी किसने की। वर्ष 1948 में, जब देश की स्वतंत्रता के तुरंत बाद हमारे वीर जवान सीमा पर पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध लड़ रहे थे और उन्हें वाहनों (जीपों) की सख्त आवश्यकता थी, तब नेहरू सरकार ने स्वतंत्र भारत का पहला सबसे बड़ा रक्षा घोटाला रचा।
संजय शर्मा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत की रक्षा नीतियां पूरी तरह आत्मनिर्भर और सुदृढ़ हैं। देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और हमारी सेना को आधुनिकतम हथियारों से लैस किया जा रहा है। रक्षा सौदों में दलाली खाने और देश की सुरक्षा का सौदा करने वाली कांग्रेस पार्टी से भाजपा को राष्ट्रभक्ति का प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।
