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आनुवंशिक बीमारियों से प्रभावित परिवारों की शुरुआती पहचान के लिए उम्मीद कार्यक्रम की शुरुआत

Date : 21-May-2026

 नई दिल्ली, 21 मई । आनुवंशिक बीमारियों से प्रभावित परिवारों की शुरुआती पहचान, किफायती निदान, जेनेटिक काउंसलिंग और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के मकसद से बायोटेक्नॉजीविभागने यूनीकमेथड्सऑफमैनेजमेंटऑफइनहेरीटेडडिसऑर्डर यानि उम्मीद नामक कार्यक्रम की शुरुआत की। गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रीडॉजितेन्द्रसिंह ने उम्मीदकॉमपेंडियमजारी किया औरउम्मीदडैशबोर्ड लॉन्च किया, जिससे देशभर में जेनेटिक डायग्नोस्टिक्स, काउंसलिंग, आउटरीच और मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाएगा।

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत तेजी से उस दौर में प्रवेश कर रहा है जहां स्वास्थ्य सेवाएं, निदान और उपचार जीन तथा जीनोम आधारित “प्रिसिजन मेडिसिन” पर आधारित होंगे। भविष्य की चिकित्सा प्रत्येक व्यक्ति की आनुवंशिक प्रोफ़ाइल के अनुसार व्यक्तिगत उपचार की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि

उम्मीद कार्यक्रम का उद्देश्य दुर्लभ और आनुवंशिक बीमारियों से प्रभावित परिवारों को शुरुआती पहचान, किफायती निदान, जेनेटिक काउंसलिंग और बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मंत्री ने कहा कि दशकों तक ऐसी बीमारियां उपेक्षित रहीं क्योंकि उनका निदान कठिन था, इलाज महंगा था और दवाएं या तो उपलब्ध नहीं थीं या अत्यधिक महंगी थीं।

उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम अब तक लगभग 3 लाख लोगों को स्क्रीनिंग और डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध करा चुका है। साथ ही देशभर में लगभग 30 “निदान केन्द्र ” स्थापित किए गए हैं, जहां उन्नत जेनेटिक जांच और परामर्श सेवाएं दी जाएंगी ताकि महानगरों के बाहर रहने वाले लोगों को भी आधुनिक जीनोमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भविष्य में डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार भी मरीजों की आनुवंशिक प्रोफ़ाइल के आधार पर तय किया जा सकेगा। उन्होंने “जेनेटिक मेडिसिन” और “न्यूक्लियर मेडिसिन ” को आने वाले दशकों की दो बड़ी स्वास्थ्य क्रांतियां बताया।

कार्यक्रम में डॉ राजेश एस गोखले ने कहा कि भारत की आनुवंशिक विविधता वैज्ञानिक अनुसंधान और वैश्विक स्वास्थ्य समाधान विकसित करने के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करती है।

डॉ सुचीता निनावे ने कहा कि उम्मीद ने देश में आनुवंशिक रोगों के प्रबंधन के लिए एक समन्वित राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया है।


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