कोलकाता, 26 मई । राज्य में प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ाने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नवान्न सभागार में राज्य के 34 विभागों के सचिवों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में 100 दिनों के ग्रामीण रोजगार परियोजना को शीघ्र शुरू किया जाए।
हालांकि मुख्यमंत्री ने कहा कि दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद जिलों में फिलहाल इस योजना को लागू नहीं किया जाएगा। इन दोनों जिलों को छोड़कर राज्य के बाकी सभी जिलों में ग्रामीण रोजगार परियोजना शुरू करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 100 दिनों की कार्य योजना में सबसे अधिक भ्रष्टाचार के आरोप दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद जिलों में सामने आए थे। आरोप थे कि फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए, बिना काम किए धन निकाला गया और करोड़ों रुपये का गबन हुआ। इन्हीं आरोपों की जांच पूरी होने तक दोनों जिलों में योजना शुरू नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार के इन्हीं आरोपों के आधार पर केंद्र सरकार ने राज्य में 100 दिनों की कार्य योजना के लिए वित्तीय आवंटन रोक दिया था।
वर्तमान सरकार ने जांच पूरी होने तक सतर्क रुख बनाए रखने का फैसला किया है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब प्रत्येक महीने सभी विभागों के सचिवों के साथ नियमित समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि प्रशासनिक स्तर पर त्वरित निर्णय और परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा हो सके।
बैठक में लंबे समय से चर्चा में रहे घाटाल मास्टरप्लान पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बाढ़ नियंत्रण और जल निकासी व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से शुरू की गई इस परियोजना की प्रगति पूर्ववर्ती सरकार के समय धीमी रही थी। अब नई सरकार इसे तेजी से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि घाटाल मास्टरप्लान को केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से लागू किया जाएगा। परियोजना का खर्च दोनों सरकारें 50-50 प्रतिशत के अनुपात में वहन करेंगी। संबंधित विभागों को वित्तीय आवंटन और परियोजना की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि परियोजना पूरी होने पर पश्चिम मेदिनीपुर और आसपास के बड़े इलाकों में बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि आयुष्मान भारत योजना से संबंधित समझौते को आगामी आठ जून तक अंतिम रूप दिया जाए। साथ ही राज्य में केंद्रीय स्वास्थ्य योजना लागू करने में किसी प्रकार की देरी न हो, इस पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा आगामी 11 जून को दिल्ली में आयोजित होने वाली नीति आयोग की बैठक की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। पहली बार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी इस बैठक में शामिल होंगे। इसके मद्देनजर सभी विभागों को राज्य की विकास परियोजनाओं, वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक विभाग को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने प्रस्ताव और आवश्यक आंकड़े जमा करने को कहा गया है।
