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अवैध घुसपैठियों के लिए बनाए गए होल्डिंग सेंटर में भोजन और चिकित्सा की विशेष व्यवस्था

Date : 28-May-2026

 कोलकाता, 28 मई।

पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए बनाए गए अस्थायी होल्डिंग सेंटरों में भोजन, और इलाज की व्यापक व्यवस्था की है। राज्य प्रशासन का कहना है कि सीमा सुरक्षा बल को सौंपे जाने से पहले इन घुसपैठियों को मानवीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

नवान्न के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नई राज्य सरकार की नीति के तहत अवैध घुसपैठियों को पहले होल्डिंग सेंटर में रखा जा रहा है। इसके बाद उन्हें सीमा सुरक्षा बल की नजदीकी सीमा चौकियों को सौंपा जाएगा, जहां से उन्हें वापस उनके देश भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछले सप्ताह कहा था कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को अदालत में पेश नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि उन्हें पहले उचित भोजन दिया जाए और फिर सीमा सुरक्षा बल को सौंप दिया जाए।

हकिमपुर सीमा क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस भेजने के लिए अस्थायी होल्डिंग सेंटर बनाया गया है। मंगलवार रात से वहां बड़ी संख्या में घुसपैठियों के पहुंचने की खबर है। प्रशासन ने वहां भोजन और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की है।

बताया जा रहा है कि इनमें से कई लोग वर्षों पहले तारबंदी पार कर भारत आए थे और कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के विभिन्न इलाकों में काम कर रहे थे। राज्य में भारतीय जनता पार्टी सरकार के सख्त रुख के बाद अब बड़ी संख्या में लोग वापस लौटने लगे हैं।

सरकार ने होल्डिंग सेंटरों में कई सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। प्रत्येक कमरे में कई छत पंखे लगाए गए हैं। भोजन में चावल, रोटी, मछली, मांस और अंडा दिया जा रहा है। बच्चों को दिन में चार बार दूध और शिशु आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा नए कपड़े, साबुन और शैंपू भी दिए जा रहे हैं।

मालदा जिले के पुलिस अधीक्षक अनुपम सिंह ने गुरुवार को बताया कि होल्डिंग सेंटरों में रहने वाले लोगों के लिए भोजन और आवास की पूरी व्यवस्था की गई है। जिला पुलिस और नागरिक प्रशासन संयुक्त रूप से इसकी देखरेख कर रहे हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को खाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई है और दिन में चार बार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

उत्तर बंगाल का पहला होल्डिंग सेंटर सोमवार से मालदा जिले के इंग्लिश बाजार इलाके के पास बागबाड़ी के चंदन पार्क में शुरू किया गया। यह केंद्र स्वयं सहायता समूह के विपणन भवन में बनाया गया है।

केंद्र के आसपास तीन पुलिस अधिकारी, एक दर्जन पुलिसकर्मी और कई नागरिक स्वयंसेवक तैनात हैं। नागरिक सुरक्षा कर्मी भी वहां मौजूद हैं। पूरे इलाके में रात्रि के समय रोशनी के लिए हैलोजन लाइटें लगाई गई हैं तथा निगरानी के लिए बंद परिपथ कैमरे लगाए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, फिलहाल वहां नौ लोग मौजूद हैं, जिनमें तीन महिलाएं, छह बच्चे और एक किशोर शामिल हैं।


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