अंबिकापुर, 28 मई। छत्तीसगढ़ सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने के आरोप में गंभीर गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने बुधवार देर रात इस पूरे मामले में शून्य (जीरो) पर प्राथमिकी कायम की है।
यह कार्रवाई सीतापुर तहसील के अंतर्गत उप तहसील राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी की लिखित शिकायत के बाद की गई है, जिन्होंने राजपुर चौराहे पर सरेआम विधायक और उनके गुट पर मारपीट और अभद्रता का सनसनीखेज आरोप लगाया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के साथ-साथ उनके करीब 10 से 14 समर्थकों, जिनमें यूसुफ, नाजिम राजा और पंकज गुप्ता शामिल हैं, के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221, 221(1), 132 और 191(2) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह मामला विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा तिर्की और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच दफ्तर में हुई तीखी बहस थी। इस तू-तू मैं-मैं के बाद विवाद इतना बढ़ा कि उसने राजपुर चौराहे पर हिंसक रूप ले लिया, जहाँ तहसीलदार के साथ कथित तौर पर मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया।
वहीं कुछ ही घंटों के बाद विधायक की चचेरी बहन सीमा तिर्की की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में 'काउंटर एफआईआर' दर्ज की। सरगुजा पुलिस ने एक तरफ जहाँ विधायक और उनके समर्थकों पर शिकंजा कसा है, वहीं दूसरी तरफ विधायक की चचेरी बहन सीमा तिर्की की शिकायत पर नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के खिलाफ भी सीतापुर थाने में मामला दर्ज कर लिया है। महिला का आरोप है कि नायब तहसीलदार ने दफ्तर के भीतर उनके साथ जातिगत गाली-गलौज की, अश्लील इशारे किए और बदसलूकी करते हुए उन्हें जबरन धक्का देकर ऑफिस से बाहर निकाल दिया।
महिला उत्पीड़न की इस गंभीर शिकायत पर पुलिस ने नायब तहसीलदार के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 351(2) और 79 के तहत मामला तो दर्ज किया है, लेकिन यह पूरी तरह से जमानती धाराओं के अंतर्गत आता है। इसके विपरीत, विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके करीबियों पर लगी धाराएं गैर-जमानती हैं, जिसने सत्ताधारी दल के विधायक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
