धमतरी, 02 जून । ग्राम पंचायत श्यामतराई में मनरेगा के तहत पिछले दो वर्षों से कोई भी रोजगार उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्य स्वीकृत करने की मांग की है। ग्राम विकास समिति के सदस्यों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर गांव में मनरेगा कार्य शुरू कराने की मांग की।
ग्राम विकास समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के अधिकांश परिवार मजदूरी पर निर्भर हैं, लेकिन रोजगार गारंटी योजना के तहत काम नहीं मिलने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने और सुशासन की बात कर रही है, लेकिन श्यामतराई के मजदूर खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड की जांच की जाए तो अधिकांश मजदूरों को किसी वर्ष 10 दिन तो किसी वर्ष 20 दिन ही काम मिला है। किसी भी परिवार को नियमित रूप से एक माह का रोजगार भी उपलब्ध नहीं हो सका। वहीं बीते दो वर्षों में एक भी दिन मनरेगा के तहत कार्य नहीं मिलने से ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सीमांत और लघु कृषकों की संख्या कम है, जबकि बड़ी आबादी मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करती है। रोजगार के अवसर नहीं मिलने के कारण कई परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। उनका कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का लाभ गांव के जरूरतमंद श्रमिकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष रिस्तराम मरकाम सहित दिनेश कुमार, चमन लाल साहू, संजय, शोभित मरकाम, रोशन साहू, तुकाराम साहू, संपतराम, नरेश, नीलकंठ और राम साहू समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि श्यामतराई में तत्काल मनरेगा के नए कार्य स्वीकृत किए जाएं, ताकि मजदूरों को गांव में ही रोजगार मिल सके और उन्हें पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।
