प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व स्तर पर लंबे समय से मजबूत बनी हुई है और विभिन्न तरह के संघर्षों के बहुआयामी प्रभावों के बावजूद यह आगे भी मजबूत बनी रहेगी। राजधानी दिल्ली में 9 सितंबर से शुरू होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री ने भू-राजनैतिक अनिश्चितताओं, विश्वसनीय वैश्विक संस्थानों की जरूरत और वित्तीय रूप से गैर जिम्मेदाराना नीतियों के कारण उत्पन्न खतरों से जूझ रहे विश्व में भारत के दृष्टिकोण को साझा किया।
एक निजी मीडिया संगठन को दिए साक्षात्कार में श्री मोदी ने कहा है कि सरकार ने पिछले नौ वर्षों में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के दृष्टिकोण पर काम किया है। उन्होंने कहा कि इससे समूचे देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकास के इस मॉडल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई है।
जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए अपना एजेंडा पेश किया तो सभी ने इसका स्वागत किया। सबको पता है कि भारत वैश्विक मुद्दों के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएगा। उन्होंने कहा कि जी-20 के अध्यक्ष के रूप में हम जैव-ईंधन गठबंधन की शुरुआत कर रहे हैं जिससे देशों को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और साथ ही इससे पृथ्वी के अनुकूल चक्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
