नई दिल्ली, 24 नवंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मडिगा समुदाय के उपवर्गीकरण के लिए एक समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे पर आज कैबिनेट सचिव और संबंधित अधिकारी से मुलाकात की।
मडिगा रिजर्वेशन ग्रुप (एमआरपीएस) ने आधिकारिक तौर पर तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की है। वे तेलंगाना की आबादी का लगभग 11 प्रतिशत हिस्सा हैं।
मडिगा दक्षिणी भारत की एक तेलुगु जाति है। वे मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक राज्यों में रहते हैं। तमिलनाडु में भी यह एक छोटा अल्पसंख्यक समुदाय है।
मडिगा ऐतिहासिक रूप से चमड़े के कारखाने, चमड़े के काम और छोटे हस्तशिल्प के काम से जुड़े हुए हैं। आज अधिकांश खेतिहर मजदूर हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
एससी के 50 से अधिक अन्य उप-समूहों के साथ मडिगा लोग वर्गीकरण के लिए लड़ रहे हैं। उनका दावा है कि शिक्षा और नौकरियों में एससी आरक्षण का अधिकांश लाभ एक अन्य उपजाति माला को मिल रहा है।
