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आईपीसी, सीआरपीसी व एवीडेंस एक्ट में होगा बदलाव: अमित शाह

Date : 14-Feb-2023

 
- गृहमंत्री ने हरियाणा पुलिस को असाधारण सेवा के लिए सौंपा राष्ट्रपति कलर

- छह साल से अधिक सजा वाले अपराधों में एफएसएल जांच जरूरी होगी

चंडीगढ़, 14 फरवरी (हि.स.)। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि जल्द ही आईपीसी, सीआरपीसी तथा एवीडेंस एक्ट में बदलाव करके छह साल से अधिक सजा वाले अपराधों में एफएसएल जांच को अनिवार्य बनाया जाएगा। गृहमंत्री शाह ने मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से हरियाणा पुलिस को राष्ट्रपति निशान (प्रेसिडेंट्स कलर) प्रदान किया। यह निशान हरियाणा पुलिस को उसकी असाधारण सेवा के लिए दिया गया है।

गृह मंत्री ने राष्ट्रपति निशान सौंपने के बाद पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराधों की जांच में तकनीक अपनाए जाने से अपराधों की संख्या में कमी आएगी। इसके लिए नेशनल फोरेंसिक साइंस विवि में नए विशेषज्ञ तैयार किए जा रहे हैं। गृहमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने आतंकवाद विरोधी मुहिम चलाकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर नकेल डाली है, वहीं देश के उत्तर पूर्वाेत्तर राज्यों में आठ हजार से अधिक सशस्त्र युवाओं को मुख्य धारा में शामिल किया गया है।

अमित शाह ने कहा कि देश में वामपंथी आतंकवाद की घटनाओं में 70 फीसदी की कमी आई है। बहुत जल्द देश वामपंथी आतंकवाद की घटनाओं से निजात पा लेगा। अब सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टोरलेंस नीति अपनाई है, जिसे राज्यों की पुलिस तथा केंद्रीय बलों की संयुक्त मदद के साथ लागू किया जा रहा है। अमित शाह ने हरियाणा पुलिस तथा एसटीएफ की पीठ थपथपाते हुए कहा कि केंद्रीय बलों, पंजाब व राजस्थान के साथ मिलकर हरियाणा पुलिस ने पिछले समय के दौरान कई बड़े गैंग का सफाया किया है।

गृहमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार की पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 पर अब तक 86 लाख कॉल आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस की देश में अलग पहचान है। गृहमंत्री ने कहा कि वर्ष 1951 में सबसे पहले राष्ट्रपति निशान नेवी को दिया गया था। इसके बाद सीआरपीएफ तथा अब तक दस राज्यों की पुलिस को यह निशान उनकी कार्यप्रणाली के आधार पर दिया जा चुका है। राजधानी दिल्ली से सटा होने के कारण हरियाणा पुलिस ने अपने साहस व धैर्य के बल पर कई बड़े आंदोलनों से सफलतापूर्वक निपटने का काम किया है।

12 हजार से शुरू हुई 75 हजार पर पहुंची हरियाणा पुलिस: मनोहर लाल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 1961 में जब हरियाणा की स्थापना हुई, तो उस समय हरियाणा पुलिस में 12 हजार जवान थे, जिनकी संख्या आज 75 हजार तक पहुंच चुकी है। सार्वजनिक सुरक्षा और कोरोना काल में की गई सराहनीय सेवा के बदले हरियाणा पुलिस को आज यह सम्मान मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के दौर में 83 पुलिस कर्मियों ने शहादत दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा पुलिस समय के साथ अपनी कार्यप्रणाली को बदल रही है, जिसके चलते वर्तमान में 32 पुलिस सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा पुलिस में इस समय नौ प्रतिशत महिलाएं हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाएगा। महिलाओं को पुलिस सेवा में आने के लिए न केवल प्रोत्साहित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें साधन भी मुहैया करवाए जा रहे हैं।

साइबर अपराधियों से निपटने को तैयार हरियाणा पुलिस: विज

हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने हमेशा ही साहस और धैर्य के साथ बड़ी-बड़ी चुनौतियों का सामना किया है। विज ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश पुलिस के सामने साइबर अपराध बड़ी चुनौती से कम नहीं है। प्रदेश में 29 साइबर पुलिस थाने तथा 309 साइबर डेस्क बनाए गए हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर भी पुलिस कर्मचारियों को साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


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