विश्व हृदय दिवस एक महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजन है, जो हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है। दुनिया भर में हृदय रोग से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है|
इस दिन हृदय संबंधी बीमारियों के प्रबंधन के लिए निवारक उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दुनिया भर में अनेक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को हृदय रोग के लक्षणों के बारे में शिक्षित करना है, ताकि आगे कोई कठिनाई न हो तथा लोगों को हृदय संबंधी बीमारियों को रोकने एवं नियंत्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
विश्व हृदय दिवस से जुड़ी कुछ खास बातेंः
· इसकी शुरुआत साल 1999 में विश्व हृदय महासंघ (WHF) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर की थी|
· साल 2000 में पहली बार आधिकारिक तौर पर विश्व हृदय दिवस मनाया गया था|
· शुरुआत में, यह दिन सितंबर के आखिरी रविवार को मनाया जाता था, साल 2011 में, इसे हर साल 29 सितंबर को मनाने का फ़ैसला किया गया|
· साल 2023 में विश्व हृदय दिवस की थीम थी, 'Use heart, know heart is open-ended'.
· हर साल, दुनिया भर के कई प्रतिष्ठित स्मारकों को लाल रोशनी से रोशन करके हृदय रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाती है|
· अगर आपको सीने में दर्द, सांस फूलने की दिक्कत, धड़कनों का बढ़ा रहना, या अत्यधिक थकान महसूस होती है, तो यह हृदय की गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है.
हृदय मानव शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, इसके खराब होने से मृत्यु भी हो सकती है, इसलिए हर किसी के लिए हृदय स्वास्थ्य का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। हृदय स्वास्थ्य और कुछ जीवनशैली की आदतों के बारे में जागरूकता की कमी के कारण, हृदय रोग दुनिया भर में मृत्यु दर के प्रमुख कारणों में से एक है। हर साल, लगभग 1.7 करोड़ लोग हृदय रोग के कारण मरते हैं, जो वैश्विक मृत्यु दर का लगभग 31% है।
हृदयाघात, स्ट्रोक और कोरोनरी हृदय रोग हृदय संबंधी विकारों के कारण होने वाली मौतों के सबसे आम कारणों में से एक हैं। हृदय संबंधी बीमारियों के कारण होने वाली कुल मौतों में से लगभग 85% मौतें इन हृदय विकारों के कारण होती हैं। विश्व हृदय दिवस दुनिया भर के लोगों को हृदय स्वास्थ्य के महत्व को समझने के लिए जागरूक करने और जागरूकता पैदा करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए अन्य संगठनों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1980 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा हुई इस तिथि के चुनाव का मुख्य कारण यह था कि वर्ष 1970 में UNWTO की कानून को स्वीकारा गया था। इस मूर्ति को स्वीकारना वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास हेतु मील के पत्थर के रूप में देखा जाता है एवं इस दिवस को मनाने का उद्देश्य यह है की विश्व में इस बात को प्रसारित और जागरूकता बढ़ने के लिए हैं कि किस प्रकार पर्यटन वैश्विक रूप से, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक तथा आर्थिक मूल्यों को बढ़ाने में आपसी समझ बढ़ाने में सहायता कर सकता है।
सबसे ज्यादा आकर्षक करने वाला स्थान
1. राजस्थान का नाम आते ही लोगों के जहन में रेगिस्तान की परिकल्पना उभरने लगती है। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर आज हम राजस्थान के जयपुर , शेखावाटी, सरिस्का बाघ अभयारण्य, माउंट आबू , चित्तौड़गढ़ का किला, कुंभलगढ़ का किला, रणथंभौर का किला, गागरोन का किला, जैसलमेर का किला जैसे जगहों में घूम सकते हैं । इन सभी स्थानों के विशेषताओं के कारण राजस्थान भारत की पहचान बन चुका हैं। इन्हें देखने के लिए हर साल हजारों की संख्या में विदेशी पर्यटक भारत आते हैं।
घूमने-फिरने के फायदे
आज के समय मे लोग कामों मे इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हे अपने स्वास्थय मे ध्यान देने के लिए वक्त नहीं मिल पाता ऐसे परिवार वालों को भी वक्त देना आवश्यक हो जाता है | तो इन पर्यटक स्थलों में लोग सहपरिवार जा कर छुट्टियों का आनंद ले सकते हैं इससे लोगों का शारीरक और मानसिक स्वास्थ्य भी ठीक रहता है|
महत्त्व:
विश्व पर्यटन दिवस दुनिया भर में सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण में पर्यटन क्षेत्र की अनूठी भूमिका पर प्रकाश डालता है। यह आवास एवं लुप्तप्राय प्रजातियों की सुरक्षा में सहायक के रूप में कार्य करता है।
यह ग्रामीण एवं बड़े शहरों में खासकर महिलाओं और युवाओं के लिये रोज़गार के अवसर प्रदान करने में पर्यटन क्षेत्र के महत्त्व को रेखाँकित करता है।
हर साल विश्व पर्यटन दिवस की एक विशेष थीम होती है, जो उस वर्ष की प्रमुख आवश्यकताओं या चुनौतियों को संबोधित करती है। 2024 में, इस दिन की थीम है “पर्यटन और हरित भविष्य”। इसका उद्देश्य पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन को बढ़ावा देना है। जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक उपयोग के चलते, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देना आवश्यक हो गया है। हरित पर्यटन का अर्थ है कि यात्रा के दौरान हम अपने पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचाएं और स्थानीय संसाधनों का संरक्षण करें।
रायपुर | स्वास्थ्य जीवन की पूंजी है। इसी विश्वास के साथ छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव सरकार सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विष्णु के सुशासन से छत्तीसगढ स्वस्थ हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेशभर में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

