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मप्र के दौरे पर आए जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में तलाशी निवेश की संभावनाएं

Date : 21-Aug-2025

भोपाल, 21 अगस्त। ग्लोबल स्थानीय नवाचार एक्सचेंज 2025 के तहत जर्मनी से मध्य प्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास पर आए प्रतिनिधिमंडल का गुरुवार को चौथा दिन राजधानी भोपाल में उच्च स्तरीय सरकारी बैठकों, उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल और स्थानीय नवाचार उद्यम के साथ बी2बी (B2B) मैचमेकिंग सत्र को समर्पित रहा। चौथे दिन जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल में निवेश की नई संभावनाएं तलाशी। प्रतिनिधिमंडल का दौरा एमपीआईडीसी के नेतृत्व में जीआईआईसी एवं आईएम ग्लोबलके सहयोग से हो रहा है।

जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने अपने मप्र दौरे के चौथे दिन गुरुवार को सबसे पहले राजधानी भोपाल मे मंत्रालय में उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह से भेंट की। जर्मन प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में प्रमुख सचिव ने कहा कि "मध्य प्रदेश सरकार उद्योगों और टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए पारदर्शी और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में तेजी से विकसित होता औद्योगिक ढांचा, आईटी एवं डेटा सेंटर सुविधाएं और युवा उद्यमियों की ऊर्जा, जर्मन कंपनियों के लिए व्यावसायिक सहयोग और साझेदारी की अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करती हैं। विशेषकर एआई और डाप टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में मध्यप्रदेश उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में जर्मन विशेषज्ञता व समाधानों को लागू करने की दिशा में व्यापक अवसर प्रदान करता है।

प्रमुख सचिव सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को मध्य प्रदेश में निवेश कर टेक्नोलॉजी सेंटर्स विकसित करने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि जर्मन कंपनियाँ प्रदेश के इनक्यूबेशन सेंटर्स के साथ मिलकर काम कर सकती हैं। यह सहयोग निवेश तक सीमित न होकर साझा व्यवसायिक परियोजनाओं, तकनीकी साझेदारी, कौशल विकास और अनुसंधान के क्षेत्र में भी दूरगामी परिणाम ला सकता है।

दोपहर में एमपीआईडीसी के कॉन्फ्रेंस हॉल में एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक आकाश श्रीवास्तव की उपस्थिति में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ जर्मन प्रतिनिधिमंडल की राउंडटेबल बैठक हुई। बैठक में टेक्नोटास्क, एक्स्ट्रा नेट टेक्नोलॉजीज, ज़ेबिया, बीएचईएल, एलएनसीटी, मानसरोवर, ओरिएंटल, नेटलिंक एवं अन्य कंपनियों ने भाग लिया। बैठक के साथ ही जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने एमपीआईडीसी का दौरा कर एसडब्ल्यूएएस (SWAN) एवं डेटा सेंटर सुविधा का अवलोकन किया।

बैठक में प्रतिभागियों ने एआई, डीपटेक, डेटा सेंटर, IoT, ERP, डिजिटल परिवर्तन, ड्रोन प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य देखभाल समाधान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। Xebia ने ग्लोबल इनोवेशन हब व लो-कोड प्लेटफॉर्म की अवधारणा रखी, जबकि बीएचईएल ने पावर जनरेशन व डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की जानकारी दी। शिक्षण संस्थानों ने कौशल विकास, प्रशिक्षण और रिसर्च सहयोग पर बल दिया।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जहांनुमा पैलेस होटल में आईएम ग्लोबल के संस्थापक चंद्रकांत तिवारी द्वारा आयोजित ब्रीफिंग सत्र में सहभागिता की, जिसमें भारत डिजिटल परिवर्तन (India Digital Transformation) तथा एमपी इनोवेशन और स्टार्टअप सिस्टम पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने माना कि भारत–यूरोप बाजार में ई-कॉमर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर्स में सहयोग के व्यापक अवसर हैं। उन्होंने अगले दस वर्षों के रोडमैप, को-क्रिएशन, गो-टू-मार्केट रणनीति और वन-टू-वन मीटिंग्स के माध्यम से साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया।

दिन का समापन जहानुमा पैलेस होटल में औपचारिक डिनर के साथ हुआ। इस अवसर पर जर्मन प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय उद्योगपतियों के बीच अनौपचारिक विचार-विमर्श हुआ। डिनर के दौरान आईएम ग्लोबल द्वारा एक सॉफ्ट लॉन्च (Soft Launch) भी किया गया, जिसके तहत कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी सेवाओं के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया। प्रतिनिधिमंडल ने इसे नवाचार एवं साझेदारी को प्रोत्साहित करने वाला कदम बताया।


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