नई दिल्ली — केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज लोकसभा में बताया कि सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के सतत और पर्यावरण अनुकूल विकल्प के रूप में जैव ईंधन (बायोफ्यूल) को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
श्री पुरी ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार की राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के अंतर्गत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम के जरिए जैव ईंधन के उपयोग को तेजी से बढ़ाया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल विदेशी मुद्रा की बचत करना है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्रदान करना है।
मंत्री के अनुसार, ईबीपी कार्यक्रम के चलते 2014-15 से लेकर जुलाई 2025 तक किसानों को ₹1.25 लाख करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है। इसके साथ ही भारत ने ₹1.44 लाख करोड़ से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत भी की है।
श्री पुरी ने बताया कि:
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जून 2022 में ही सरकार ने 10% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित समय से 5 महीने पहले प्राप्त कर लिया था।
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2022-23 में इथेनॉल मिश्रण स्तर बढ़कर 12.06% हुआ।
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2023-24 में यह बढ़कर 14.60% हो गया।
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2025 में 31 जुलाई तक यह स्तर 19.05% तक पहुँच चुका है।
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सिर्फ जुलाई माह में ही मिश्रण का आंकड़ा 19.93% तक पहुँच गया।
यह उपलब्धि न केवल ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार, और कृषि क्षेत्र को अतिरिक्त लाभ भी मिला है।
सरकार का लक्ष्य अब भविष्य में 20% इथेनॉल मिश्रण हासिल करना है, जिससे भारत ग्रीन एनर्जी की दिशा में और मजबूत हो सकेगा।
