कटनी में शनिवार को होगा 'मप्र माइनिंग कॉनक्लेव 2.0' का आयोजन, देशभर के निवेशक-उद्योगपति होंगे शामिल | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

कटनी में शनिवार को होगा 'मप्र माइनिंग कॉनक्लेव 2.0' का आयोजन, देशभर के निवेशक-उद्योगपति होंगे शामिल

Date : 22-Aug-2025

भोपाल, 22 अगस्त  । मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में शनिवार, 23 अगस्त को कटनी में 'मध्यप्रदेश माइनिंग कॉनक्लेव 2.0' का आयोजन किया जा रहा है। कॉनक्लेव का मुख्य फोकस क्षेत्र कोयला एवं ऊर्जा, ऊर्जा एवं हाइड्रोकार्बन, प्रौद्योगिकीय प्रगति, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और चूना पत्थर एवं सीमेंट होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समिट में शामिल होने वाले विषय-विशेषज्ञों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन चर्चा भी करेंगे। कॉन्क्लेव में लगभग 2 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, जिनमें देश के विभिन्न राज्यों के निवेशक और उद्योगपति शामिल हैं। कॉन्क्लेव में मिनरल एवं माईनिंग से संबंधित विभिन्न सत्रों के दौरान चर्चा होगी। यह जानकारी शुक्रवार को जनसंपर्क अधिकारी पंकज मित्तल ने दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश खनन और खनिज संसाधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरा है। प्रदेश खनिजों की प्रचुरता और सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृण करेगा, अपितु देश के औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

खनिज सम्पदा पर केन्द्रित प्रदर्शनी

मध्यप्रदेश खनिज संपदा से भरपूर है। खनन क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्पादन में मध्य प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान हैं। यहां राष्ट्रीय उत्पादन का 73 प्रतिशत तांबा, 29 प्रतिशत रॉक फॉस्फेट, 26 प्रतिशत मैंगनीज, 9 प्रतिशत चूना पत्थर, 8 प्रतिशत कोयला, 3 प्रतिशत बॉक्साइट और एक प्रतिशत लोह अयस्क मिलता है। प्रदेश में मौजूद खनिज संपदा को प्रदर्शित करते हुए कॉन्क्लेव स्थल पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

देश के बड़े औद्योगिक घरानों ने कॉन्क्लेव में दिखाई दिलचस्पी

कटनी माईनिंग कॉन्क्लेव में देशभर के बड़े औद्योगिक घरानों ने दिलचस्पी दिखाई है। कॉन्क्लेव में डायरेक्टर जनरल जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया राजेश जोशी, चीफ कंट्रोलर ऑफ माइन्स इंडियन ब्यूरो ऑफ माइन्स नागपुर पंकज कुलश्रेष्ठ, सीएमडी एचसीएल संजीव कुमार सिंह, डायरेक्टर (फाइनेंस) एमईसीएल सुरेन्द्र सिंह क्षत्रिय, जीएम बिजनेस डेवलपमेंट सीआईएल चंद्र शेखर सिंह, डायरेक्टर एसईसीएल बिलासपुर बिरांची दास, डिपार्टमेंट ऑफ अर्थ एंड एनवायरमेंट साइंसेस के प्रो. डॉ. प्रीतम नासपुरी एवं प्रो. डॉ. ए.के. तिवारी, टेक्समिन के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर एमडी दानिश और प्रोजेक्ट डायरेक्टर धीरज कुमार, आईबीएम नागपुर के चीफ ओर ड्रेसिंग ऑफिसर एंड डायरेक्टर दिलीप रंजन कानुगो, सीईओ आई-एनर्जी नीरज गुप्ता शामिल रहेंगे।

इनके अलावा डायरेक्टर एलीटेक अजीत चौधरी, एकेएस यूनिसर्विटी के प्रो. जी.के. प्रधान, एग्जीक्युटिव डायरेक्टर डेलोइट तुशार चक्रवर्ती, एग्जीक्युटिव डायरेक्टर एचसीएल नागेश शिनोय, एमडी रामनिक पॉवर एंड एलोयस हर्ष व्ही. त्रिवेदी एवं डायरेक्टर निष्क्षल के. त्रिवेदी, डायरेक्टर एमओआईएल एमएम अब्दुल्ला, ऑनर विनमीर रिसोर्सेस प्रा.लि. गोविंद ए. शोरेवाला, डायरेक्टर सिंघाल बिजनेस प्रा.लि. राहुल अग्रवाल, डायरेक्टर लोहम एंड सीईओ चिदंबरम मदन, सीनियर मैनेजर (टेक्नीकल) आईआरईएल बी.एस. तलवार, चीफ स्ट्रेटजी एंड बिजनेस डेवलपमेंट अडानी सीमेंट भीमसी कचोट, एमडी माइनवेयर एडवाइजर्स प्रा.लि. कौशिक बोस, डायरेक्टर (माइनिंग एंड स्ट्रेटजिक प्रोजेक्ट) एरसेलोर मित्तल आलोक मेहता, डायरेक्टर महाकौशल रिफ्रैक्टरीज प्रा.लि. मयंक गुग्गली और सीईओ ऑरो नेचुरल रिसोर्सेस प्रा.लि. अफरोज शामिल होंगे।

खनिज कंपनियों, उद्योग प्रतिनिधियों और हितधारकों को मिलेगा मंच

कटनी का माइनिंग कॉन्क्लेव खनिज कंपनियों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाएगा, जिससे सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य मध्य प्रदेश के समृद्ध खनिज संसाधनों को प्रदर्शित करना है, जिससे राज्य में निवेश को आकर्षित किया जा सके। इसमें कोयला, चूना पत्थर, तेल और गैस, सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही खनन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा।

इस आयोजन में डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें खनन कार्यों में ऑटोमेशन के साथ एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा होगी। कोल गैस (सीबीएम) जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया जाएगा। सीमेंट, ऊर्जा, और खनिज-आधारित उद्योगों से संबंधित मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। कॉन्क्लेव में कई संस्थानों के साथ एमओयू भी होंगे, जिससे राज्य के खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए सभी निवेश प्रस्ताव फलीभूत होंगे।

इनके बीच होगा एमओयू

माइनिंग कॉन्क्लेव में कोल इंडिया लिमिटेड, संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, म.प्र. शासन तथा मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड के मध्य क्रिटिकल मिनरल एवं अन्य खनिजों के पूर्वेक्षण एवं खनन के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये जाएगें। इसके अलावा संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, मध्यप्रदेश शासन, मध्यप्रदेश राज्य खनिज निगम लिमिटेड एवं टैक्समिन के बीच समझौता ज्ञापन तथा संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म, मध्यप्रदेश राज्य खनन निगम लिमिटेड और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (आई.आई.एस.ई.आर.बी.) के मध्य समझौता ज्ञापन कया जायेगा।यह समझौता ज्ञापन भारत की खनिज अन्वेषण महत्वाकांक्षाओं को मज़बूत करने और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग, समन्वित प्रयासों और संसाधन साझाकरण की नींव रखेगा।

मप्र माइनिंग कॉन्क्लेव 1.0 में मिले थे 19,650 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

प्रदेश में पहली खनिज कॉन्क्लेव 17 एवं 18 अक्टूबर 2024 को राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न 11 औद्योगिक संस्थानों की ओर से 19 हजार 650 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement