राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने स्पष्ट किया है कि संघ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कोई मतभेद नहीं है। नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए भागवत ने कहा कि संघ किसी भी मुद्दे पर सलाह दे सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय लेने का अधिकार भाजपा का है।
उन्होंने कहा, "संघ और सरकार के बीच अच्छा समन्वय है। भाजपा और आरएसएस के विचार कभी-कभी भिन्न हो सकते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य समान है – राष्ट्र निर्माण।"
भागवत ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कहा जाता है कि भाजपा, आरएसएस के निर्देशों पर चलती है। उन्होंने कहा, "हम केवल सुझाव देते हैं, लेकिन सरकारी नीतियों या निर्णयों में हस्तक्षेप नहीं करते।"
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई राजनीतिक दल बार-बार यह सवाल उठाते रहे हैं कि आरएसएस भाजपा के फैसलों को कितना प्रभावित करता है। भागवत ने दोहराया कि निर्णय लेना पूरी तरह से पार्टी का विशेषाधिकार है, और संघ की भूमिका सलाहकार तक सीमित रहती है।
