भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर के साथ पिछली पांच तिमाहियों का उच्चतम स्तर पर पहुँच गई है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी तिमाही अनुमान में सामने आई है।
पिछली तिमाहियों की तुलना:
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FY 2024-25 की Q4 (जनवरी-मार्च): 7.4% वृद्धि
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FY 2024-25 की Q1 (अप्रैल-जून): 6.5% वृद्धि
इस साल की पहली तिमाही में नाममात्र GDP में भी 8.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो मूल्य स्तरों में वृद्धि (मुद्रास्फीति सहित) को दर्शाता है।
आर्थिक संकेतकों का सुधार
GDP वृद्धि में यह उछाल मजबूत घरेलू मांग, निजी निवेश, और सेवाओं व विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। यह आंकड़ा भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिरता और पुनरुद्धार की गति को रेखांकित करता है।
यह प्रदर्शन सरकार की आर्थिक नीतियों और बुनियादी ढांचे में निवेश को भी समर्थन देता है, और भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखने में सहायक है।
