प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त को चीन के तियानजिन में आयोजित होने जा रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं राष्ट्राध्यक्ष परिषद बैठक में भाग लेंगे। यह दो दिवसीय शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, जिसमें 20 से अधिक वैश्विक नेता और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख भाग लेंगे।
इस वर्ष के सम्मेलन की अध्यक्षता चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग करेंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी प्रमुख वक्ताओं में शामिल हैं, जिससे यह सम्मेलन अब तक का सबसे व्यापक और प्रभावशाली SCO शिखर सम्मेलन माना जा रहा है।
सम्मेलन की मुख्य विशेषताएँ:
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विषय: “शंघाई भावना को कायम रखना: एससीओ की गतिशीलता”
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2025 को SCO सतत विकास वर्ष घोषित किया गया है।
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10 वर्षीय विकास रणनीति को अपनाने की योजना।
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मुख्य एजेंडा:
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क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-निरोध
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आर्थिक सहयोग और संपर्क
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सतत विकास
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सांस्कृतिक एवं रणनीतिक साझेदारी
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ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
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यह पाँचवीं बार है जब चीन SCO शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है।
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सम्मेलन में पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी और आने वाले दशक के लिए एक साझा विज़न तय किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी की इस भागीदारी को भारत की बहुपक्षीय कूटनीति और रणनीतिक जुड़ाव को मज़बूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यह शिखर सम्मेलन वैश्विक शासन, क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य की विकास प्राथमिकताओं को आकार देने में अहम भूमिका निभा सकता है।
