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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने तियानजिन पहुंचे

Date : 30-Aug-2025

नई दिल्ली/तियानजिन, 30 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर चीन के तियानजिन पहुंचे, जहां वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। चीन के तियानजिन में भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने तियानजिन पहुंचने पर सोशल मीडिया पर लिखा, “तियानजिन, चीन पहुंचा। एससीओ शिखर सम्मेलन में विचार-विमर्श और विभिन्न विश्व नेताओं से मुलाकात को लेकर उत्सुक हूं।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी पोस्ट कर जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए तियानजिन पहुंच गए हैं और इसके साथ ही उन्होंने भारत की अब तक की एससीओ बैठकों में भागीदारी की मुख्य झलकियां साझा कीं।

यह प्रधानमंत्री मोदी की सात सालों मे पहली चीन यात्रा है। हालांकि प्रधानमंत्री की यह 7वीं शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर बैठक होगी। इससे पहले वे छह बार एससीओ शिखर सम्मेलनों में हिस्सा ले चुके हैं। इनमें नई दिल्ली (वर्चुअल, जुलाई 2023), समरकंद (उज्बेकिस्तान, सितंबर 2022), दुशांबे (ताजिकिस्तान, वर्चुअल, सितंबर 2021), मॉस्को (रूस, वर्चुअल, नवंबर 2020), बिश्केक (किर्गिस्तान, जून 2019) और छिंगदाओ (चीन, जून 2018) शामिल हैं।

एससीओ की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी। यह एक बहुपक्षीय संगठन है। इसमें वर्तमान में 10 सदस्य देश, 2 पर्यवेक्षक और 14 संवाद भागीदार शामिल हैं। भारत 2005 में पर्यवेक्षक के रूप में एससीओ में शामिल हुआ और 2017 में एक पूर्ण सदस्य देश बन गया। भारत एससीओ के वार्षिक बजट में 5.9 प्रतिशत योगदान देता है। भारत ने सितंबर 2022 में समरकंद शिखर सम्मेलन में एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता संभाली थी।

भारत ने जुलाई 2023 में 23वें एससीओ शिखर सम्मेलन की वर्चुअल अध्यक्षता की। वाराणसी को 2022-23 के लिए एससीओ की पहली सांस्कृतिक और पर्यटन राजधानी घोषित किया गया। भारत ने सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी के साथ कई कार्यक्रमों की मेजबानी की।

भारत की अध्यक्षता के दौरान “टुवर्ड्स अ सिक्योर एससीओ” की अवधारणा के तहत 134 बैठकें व कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 14 मंत्रीस्तरीय बैठकें शामिल थीं। भारत ने पांच स्तंभों—स्टार्टअप व नवाचार, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध धरोहर—पर विशेष ध्यान दिया।

इस वर्ष के शिखर सम्मेलन की थीम “अपहोल्डिंग द शंघाई स्पिरिट: एससीओ ऑन द मूव” है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित अन्य विश्व नेताओं से भी मुलाकात निर्धारित है।


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