गृह मंत्रालय (एमएचए) ने भारी वर्षा, बाढ़, अचानक आई बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (आईएमसीटी) का गठन किया है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर ये टीमें स्थिति का मौके पर जाकर आकलन करेंगी और संबंधित राज्य सरकारों द्वारा किए गए राहत कार्यों की समीक्षा करेंगी।
केंद्रीय टीमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित जिलों का दौरा करेंगी।
प्रत्येक टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय या राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त सचिव स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किया जाएगा और इसमें व्यय, कृषि एवं किसान कल्याण, जल शक्ति, विद्युत, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, तथा ग्रामीण विकास मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि वह इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान की गई है।
इसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों, सेना के जवानों और वायु सेना के हेलीकॉप्टरों की तैनाती शामिल है, जो खोज और बचाव कार्यों के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं की बहाली में सहायता कर रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, सरकार ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष में 24 राज्यों को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की है ताकि आपदा प्रभावित राज्य प्रभावित लोगों को तुरंत राहत सहायता प्रदान कर सकें।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष से 12 राज्यों को लगभग 2 हजार करोड़ रुपये जारी किये गये।
