प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के यशोभूमि में बहुप्रतीक्षित सेमीकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन का उद्घाटन किया। यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारत में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त, लचीला और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि
"जिस तरह 20वीं सदी में तेल को काला सोना कहा गया, उसी तरह 21वीं सदी में चिप्स डिजिटल हीरे हैं।"
उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि
"वह दिन दूर नहीं जब भारत की सबसे छोटी चिप दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव लाएगी।"
प्रधानमंत्री ने बताया कि वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार जल्द ही 1 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करेगा, और भारत इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 2021 से अब तक 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंज़ूरी दी जा चुकी है, जिनमें कुल 18 बिलियन डॉलर का निवेश हो रहा है। साथ ही, भारत महत्वपूर्ण खनिज मिशन पर भी काम कर रहा है, जिससे इन चिप्स के निर्माण के लिए आवश्यक दुर्लभ खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
इस मौके पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत में बनी पहली सेमीकंडक्टर चिप भेंट की। उन्होंने बताया कि देश में पाँच सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयाँ निर्माणाधीन हैं और दो इकाइयाँ अगले कुछ महीनों में उत्पादन शुरू करेंगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में भारत ने 7.8% की विकास दर दर्ज की है, जो विश्लेषकों की उम्मीदों से बेहतर है।
सेमीकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन में:
-
48 से अधिक देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
-
20,000 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति हो रही है।
-
सम्मेलन में स्मार्ट विनिर्माण, AI में नवाचार, R&D, राज्य नीति, और निवेश अवसरों पर कई सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार जल्द ही अगली पीढ़ी के सुधारों की शुरुआत करेगी ताकि भारत तकनीकी और औद्योगिक नेतृत्व में अग्रणी बन सके।
सेमीकॉन इंडिया 2025 भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर मज़बूती से स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
