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गुजरात की सूरत एसओजी ने किया नकली वीजा बनाने के रैकेट का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

Date : 02-Sep-2025

सूरत, 02 सितंबर। गुजरात की सूरत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने मंगलवार को रांदेर इलाके में नकली वीज़ा बनाने के रैकेट का भंडाफोड़

किया है। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने के साथ विभिन्न देशों के वीज़ा स्टिकर व सामग्री सहित नकदी बरामद की गई है।

एसओजी ने आज झगड़िया चौराहा के पास स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर बोगस वीज़ा स्टिकर बनाने वाले रैकेट को पकड़ा पुलिस ने मौके से आरोपित प्रतीक उर्फ़ अभिजीत निलेश शाह को गिरफ्तार किया, जबकि पाँच अन्य को वांछित घोषित किया गया है। इस कार्रवाई में लैपटॉप, विभिन्न देशों के वीज़ा स्टिकर व सामग्री सहित कुल ₹1.30 लाख की जब्त की गयी है। पुलिस के अनुसार आरोपित एजेंटों के जरिये फर्जी वीज़ा बनवाकर लोगों को विदेश भेजने की तैयारी करता था।

एसओजी के पीआई एपी चौधरी को गश्त के दौरान सूचना मिली कि समोर रेसिडेंसी, फ्लैट-202 (श्रीजी नगरी सोसायटी के पास) में आरोपित घर पर ही फर्जी वीज़ा स्टिकर तैयार करता है। टीम ने मौके पर जाकर दरवाज़ा खुलवाया और आरोपित को रंगे हाथों दबोच लिया। लैपटॉप की जाँच में कई देशों के वीज़ा स्टिकर फ़ाइलों की एडिटिंग चलती हुई मिली। गिरफ्तार आरोपित ने पूछताछ में बताया कि इस रैकेट में कई लोग शामिल हैं, जो ग्राहकों को लाने और वीज़ा दिलाने का काम करते थे। इनके नाम हैं—

1. केतन दीपकभाई सरवैया (निवासी आनंद)।

2. हर्ष (निवासी बैंकॉक, थाईलैंड)।

3. परमजीत सिंह (निवासी दिल्ली)।

4. अफ्लाक (निवासी दिल्ली)।

5. सचिन शाह।

पुलिस के मुताबिक यही लोग विदेश जाने के इच्छुक लोगों से मोटी रकम लेकर, नकली स्टिकर लगवाकर धोखाधड़ी करते थे। आरोपित अलीबाबा डॉट कॉम से विभिन्न देशों के हॉलमार्क वाले विशेष पेपर ऑनलाइन मंगवाता था। फिर लैपटॉप पर एडिटिंग (पेंट आदि से) कर, कलर प्रिंटर से प्रिंट निकालकर स्टिकर आकार में कटिंग करता और कूरियर से एजेंटों तक पहुँचाता था। हर नकली वीज़ा पर उसे ₹15,000 मिलते थे। इनसे तलाशी में 5 देशों से जुड़ी प्रविष्टियाँ/स्टिकर फ़ाइलें मिलीं। पुलिस के अनुसार उनके नाम/देश इस प्रकार से हैं—

बाबर डेविड–चेक रिपब्लिक ।

सिंग सुमित–चेक रिपब्लिक।

नरेश पटेल–यूके(इनके 5 अलग-अलग स्टिकर)।

घाग अनिल– जर्मनी।

सिधु शिवानी– कनाडा।

इसके अलावा यूके के 9 व्यक्तियों के नामों पर वीज़ा स्टिकर मिलने की बात भी सामने आई है। जब्त माल (कुल लगभग ₹1.30 लाख)। लैपटॉप, 5 मोबाइल फोन, 2 कलर प्रिंटर, यूवी लेज़र टॉर्च, एम्बॉस मशीन, कॉर्नर कटर मशीन, पेपर कटर, स्केल, 9 बोतल अलग-अलग इंक, चेक रिपब्लिक का स्टैम्प/सील शामिल है। इसके साथ ही विभिन्न देशों के हॉमार्क पेपर भी बरामद किए गए हैं।

हॉलमार्क पेपर :

यूरोप (बड़े)—46 शीट

कनाडा (बड़े)—73 शीट

यूरोप (छोटे)—107 शीट

मैसिडोनिया (बड़े)—172 शीट

सर्बिया (बड़े)—243 शीट

यूके (बड़े)—42 शीट

एसओजी ने आरोपित के खिलाफ फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने, धोखाधड़ी और जालसाज़ी से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। वांछित आरोपितों की तलाश जारी है और डिजिटल/ फ़ॉरेंसिक जाँच के आधार पर और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।


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