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प्रधानमंत्री ने बीआरएलपीएस का किया शुभारम्भ, 105 करोड़ रुपये जीविका निधि में किए ट्रांसफर

Date : 02-Sep-2025

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

पटना, 02 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिमोट का बटन दबाकर बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का शुभारंभ किया। साथ ही 105 करोड़ रुपये की राशि जीविका निधि में हस्तांतरित (ट्रांसफर) किया।

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उनकी सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बिहार के विकास के लिए हर संभव सहयोग कर रही है। बिहार का विकास केंद्र सरकार की प्राथमिकता में है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जीविका निधि का शुभारंभ किया जा रहा है। इस काम से स्वयं सहायता समूह की जीविका दीदियों को ऋण की राशि मिलने में सुविधा होगी। राज्य सरकार ने इस काम के लिए 1 हजार करोड़ रुपये की राशि स्वीकृति दी है, जिसमें से 105 करोड़ रुपये की राशि जीविका निधि के बैंक खाते में आज भेजी जा रही है। खुशी की बात है कि इसके लिए आगे केन्द्र सरकार भी 110 करोड़ रुपये की सहायता देगी। इससे स्वयं सहायता समूह की जीविका दीदियों को काफी फायदा होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर, 2005 को हमारी सरकार बनी थी, तबसे ही महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया गया है। वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं एवं वर्ष 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण से शुरुआत की गयी। वर्ष 2013 से पुलिस में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। वर्ष 2016 से महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।

उन्होंने कहा कि पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बहुत कम थी। वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया, जिसे 'जीविका' नाम दिया और इससे जुड़ी महिलाओं को जीविका दीदी कहा गया। अब स्वयं सहायता समूह की संख्या लगभग 11 लाख हो गयी है और जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गयी है। वर्ष 2024 से शहरी क्षेत्रों में भी स्वयं सहायता समूह का गठन हो रहा है, जिनकी संख्या 37 हजार हो गयी है, जिसमें लगभग 3 लाख 85 हजार जीविका दीदियां हैं, इसका गठन लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महिलाओं के रोजगार के लिए एक नयी योजना 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की स्वीकृति दी गयी है, जिसमें हर घर की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए पहले 10 हजार रुपये की राशि दी जायेगी। इसके बाद जिनका रोजगार अच्छा चलेगा, उन्हें 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जायेगी। यह काम इसी सितम्बर माह से शुरू हो जायेगा।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरी और 10 लाख रोजगार देना तय किया गया। अभी तक युवाओं को 10 लाख नौकरी और 39 लाख रोजगार दे दिया गया है। चुनाव से पहले ही 50 लाख से अधिक नौकरी और रोजगार दे दिया जायेगा। अब तय किया है कि अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी / रोजगार दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिहार में नये उद्योग लगाने के लिए भी विशेष सहायता दी जायेगी।

बिहार के विकास में केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई, 2024 के बजट में बिहार को विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी राशि देने की घोषणा की गयी। फरवरी, 2025 के बजट में बिहार में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता आदि की घोषणा की गयी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 'खेलो इंडिया यूथ गेम्स' के आयोजन का जिम्मा बिहार को मिला, जो गौरव की बात है।


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