भारत के कृषि-खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने एक नई पहल ‘भारती’ की शुरुआत की है। इस पहल की घोषणा नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने की। बैठक में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ायौदी भी उपस्थित रहे।
‘भारती’ का पूरा नाम है — भारत का कृषि प्रौद्योगिकी, लचीलापन, उन्नति और निर्यात सक्षमता हेतु इनक्यूबेशन केंद्र। यह पहल 100 कृषि-खाद्य स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करने, नवाचार को प्रोत्साहन देने और वर्ष 2030 तक कृषि-खाद्य निर्यात को 50 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
यह योजना आत्मनिर्भर भारत और स्टार्टअप इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप है, जिसका मकसद है भारत को वैश्विक कृषि-खाद्य बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाना, निर्यात को बढ़ावा देना और तकनीकी नवाचारों के ज़रिए देश के एग्री-बिजनेस को सशक्त बनाना।
एपीडा का मानना है कि इन स्टार्टअप्स की सहायता से भारत न केवल अपने निर्यात लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है, बल्कि टिकाऊ और स्मार्ट कृषि तकनीकों के माध्यम से वैश्विक मंच पर अपनी पहचान और मज़बूत कर सकता है।
