नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आंगनवाड़ी केंद्रों को स्कूलों के साथ सह-स्थापना (co-location) के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम है।
श्री प्रधान ने कहा कि यह कदम हर माँ और बच्चे की समग्र देखभाल सुनिश्चित करेगा और शिक्षा की नींव को मज़बूत बनाएगा। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के जीवन की पहली शिक्षिका बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की, साथ ही भारतीय भाषाओं के शिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और प्रौद्योगिकी के उपयोग पर बल दिया।
दिशानिर्देशों का उद्देश्य आंगनवाड़ी से प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के सहज और सुचारु स्थानांतरण को सुनिश्चित करना है। साथ ही, यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में निरंतरता को प्रोत्साहित करेगी।
मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले तीन वर्षों में देशभर के लगभग 2 लाख स्कूलों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा, जिससे डिजिटल शिक्षा को गति मिलेगी। उन्होंने निपुण भारत, पोषण भी पढ़ाई भी, और सामुदायिक भागीदारी जैसी पहलों के एकीकरण की भी आवश्यकता पर बल दिया।
यह पहल प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) को मजबूत करने और स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के बीच समन्वय बढ़ाने की दिशा में एक निर्णायक प्रयास मानी जा रही है।
