जीएसटी परिषद ने आम जनता, किसानों और श्रम-प्रधान उद्योगों को राहत पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों में कटौती को मंजूरी दी है। नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी, जो नवरात्रि के पहले दिन है।
बीमा और स्वास्थ्य सेवाएं — अब अधिक सस्ती
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सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा (टर्म, यूलिप, एंडोमेंट) और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर पूरी तरह जीएसटी से छूट।
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वरिष्ठ नागरिकों और फैमिली फ्लोटर पॉलिसियों को भी शामिल किया गया।
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इससे बीमा कवरेज को बढ़ावा मिलेगा और आम लोगों के लिए बीमा लेना सस्ता होगा।
जीवन रक्षक दवाओं पर शून्य कर
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33 जीवन रक्षक दवाएं (कैंसर, दुर्लभ और पुरानी बीमारियों के इलाज में प्रयुक्त) पर जीएसटी 12%/5% से घटाकर 0% किया गया।
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अन्य सभी दवाओं पर जीएसटी 12% से घटाकर 5%।
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मेडिकल उपकरण: जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया गया।
दैनिक उपयोग की वस्तुएं — अब अधिक किफायती
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हेयर ऑयल, साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट, टूथब्रश, किचनवेयर, साइकिल आदि पर जीएसटी अब केवल 5%।
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दूध (UHT), पनीर, छेना, सभी भारतीय ब्रेड पर शून्य जीएसटी।
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नमकीन, भुजिया, चॉकलेट, कॉफी, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, मक्खन, घी पर जीएसटी 12/18% से घटाकर 5%।
उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन
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TV (32 इंच से बड़े), AC, डिशवॉशर, छोटी कारें, मोटरसाइकिल पर जीएसटी 28% से घटाकर 18%।
कृषि क्षेत्र को समर्थन
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सभी कृषि उपकरणों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5%।
जीएसटी ढांचे में व्यापक सुधार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना, आम आदमी की सहूलियत, और अर्थव्यवस्था की मजबूती को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।
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12% और 28% के स्लैब खत्म कर दिए गए हैं।
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अब केवल दो प्रमुख दरें: 5% और 18% रहेंगी।
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इससे जीएसटी अनुपालन सरल होगा और व्यवस्था अधिक स्थिर और पारदर्शी बनेगी।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि यह अगली पीढ़ी के कर सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो आम जनता, छोटे व्यापारियों, MSMEs और किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगा।
राजस्व पर प्रभाव और स्थिरता
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि इन दर कटौतियों से कुल ₹48,000 करोड़ का वित्तीय प्रभाव पड़ेगा, लेकिन यह राजकोषीय रूप से टिकाऊ रहेगा और केंद्र व राज्यों — दोनों के लिए संतुलित रहेगा।
बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख प्रतिनिधि:
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केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी
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मुख्यमंत्री: दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मेघालय, ओडिशा
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उपमुख्यमंत्री: अरुणाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, तेलंगाना
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राज्यपाल: मणिपुर
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अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री
इन फैसलों से न केवल घरेलू बजट पर राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य, कृषि और छोटे उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी। यह जीएसटी ढांचे को सरल, संतुलित और जन-हितैषी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
