सरकार ने कहा — व्यापक जीएसटी सुधार सहकारी क्षेत्र को मजबूत और उत्पादों को प्रतिस्पर्धी बनाएंगे | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

सरकार ने कहा — व्यापक जीएसटी सुधार सहकारी क्षेत्र को मजबूत और उत्पादों को प्रतिस्पर्धी बनाएंगे

Date : 07-Sep-2025

सरकार ने कहा है कि हाल ही में किए गए व्यापक जीएसटी सुधार से सहकारी क्षेत्र मजबूत होगा, उनके उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और उनकी मांग बढ़ेगी, जिससे सहकारी समितियों की आय में वृद्धि होगी। सहकारिता मंत्रालय ने बयान में कहा कि ये सुधार ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करेंगे, खासकर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सहकारी समितियों को बढ़ावा देंगे और लाखों परिवारों के लिए आवश्यक वस्तुओं की किफायती पहुँच सुनिश्चित करेंगे।

मंत्रालय ने बताया कि इन सुधारों का सीधा सकारात्मक प्रभाव सहकारी समितियों, किसानों और ग्रामीण उद्यमों पर पड़ेगा। देश भर के 10 करोड़ से अधिक डेयरी किसानों को इसका लाभ मिलेगा। जीएसटी दरों में कटौती से कृषि और पशुपालन क्षेत्र की सहकारी समितियों को फायदा होगा, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा और छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए इन नए जीएसटी सुधारों की पूरे डेयरी सहकारी क्षेत्र ने सराहना की है। विशेष रूप से डेयरी उत्पादों जैसे दूध और पनीर को जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है, जबकि मक्खन, घी और इसी तरह के उत्पादों पर कर दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई है। दूध के डिब्बे बनाने वाले लोहे, स्टील या एल्यूमीनियम पर भी कर दर कम की गई है।

इन उपायों से डेयरी उत्पाद अधिक किफायती होंगे, डेयरी किसानों को प्रत्यक्ष राहत मिलेगी और महिलाओं द्वारा संचालित ग्रामीण उद्यम, खासकर दूध प्रसंस्करण में लगे स्वयं सहायता समूह मजबूत होंगे। इससे पोषण सुरक्षा बढ़ेगी क्योंकि डेयरी उत्पाद घरों के लिए आवश्यक प्रोटीन और वसा का सस्ता स्रोत बनेंगे।

इसके अलावा, 1800 सीसी से कम क्षमता वाले ट्रैक्टरों पर भी जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे ये और किफायती होंगे और इससे पशुपालन व मिश्रित खेती करने वाले किसानों को भी लाभ होगा। उर्वरकों जैसे अमोनिया, सल्फ्यूरिक एसिड और नाइट्रिक एसिड पर कर 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है, जिससे किसानों के लिए उर्वरकों की कीमत स्थिर रहेगी और बुवाई के मौसम में उनकी समय पर उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

सरकार का कहना है कि ये सुधार सहकारी क्षेत्र की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मददगार साबित होंगे।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement