उद्योग निकायों और ट्रेड यूनियनों ने चार नई श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन का स्वागत किया | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

उद्योग निकायों और ट्रेड यूनियनों ने चार नई श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन का स्वागत किया

Date : 22-Nov-2025

देश में चार नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद उद्योग निकायों और परामर्श फर्मों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए श्रमिक-केंद्रित सुधार करार दिया है। वेतन संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020, और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता, 2020 का उद्देश्य दशकों पुराने श्रम कानूनों को सरल और सुव्यवस्थित बनाना है। इन संहिताओं के लागू होने से सभ्य कार्य परिस्थितियाँ, उचित वेतन और दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी और औपचारिक रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

प्रौद्योगिकी, स्टाफिंग, परामर्श और कानूनी क्षेत्रों के उद्योग नेताओं ने सुधार की सराहना करते हुए इसे समयानुकूल और आधुनिक अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक बताया।

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने इसे आज़ादी के बाद से मजदूर हित में किया गया सबसे बड़ा सुधार बताया। बीएमएस के राष्ट्रीय सचिव गिरीश आर्य ने कहा कि इससे श्रमिकों को सशक्त बनाया जाएगा और नियमों का पालन आसान होगा।

भारतीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रीय मोर्चा (एनएफआईटीयू) के अध्यक्ष डॉ. दीपक जायसवाल ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में लगभग 50 करोड़ लोग कार्यरत हैं, और नई संहिताओं के लागू होने से उनका न्यूनतम वेतन सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही महिलाओं के लिए समान कार्य, समान वेतन का प्रावधान भी शामिल है। पुराने कानूनों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य और सुरक्षा के संदर्भ में आधुनिक प्रावधानों के साथ अद्यतन किया गया है।

नैसकॉम ने कहा कि प्रमुख प्रावधानों की अधिसूचना भारत की श्रम सुधार यात्रा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे मजदूरी, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा में स्पष्टता आएगी और मजबूत कार्यबल का समर्थन होगा। इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन ने इसे सकारात्मक बताया और कहा कि कोड गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, न्यूनतम मजदूरी का अनिवार्यकरण और प्रवासी श्रमिकों के लिए पोर्टेबल लाभ सुनिश्चित करता है।

अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ ने भी कहा कि भारत की नई श्रम संहिताएं मजबूत और समावेशी सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों के वैश्विक प्रयासों को गति देंगी।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement