त्रिची, 02 जनवरी । तमिलनाडु में छात्रों और युवाओं को नशे की लत से दूर रखने, जाति एवं धार्मिक तनावों को रोकने तथा सामाजिक सद्भाव और समानता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) एक व्यापक अभियान की शुरुआत कर रही है। द्रमुक के महासचिव वैको आज से 12 जनवरी तक ‘समानता की पदयात्रा’ का नेतृत्व करेंगे। यह वैको की दसवीं पदयात्रा है, जिसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
इस ‘समानता की पदयात्रा’ का उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन करने वाले हैं। उद्घाटन से पूर्व मुख्यमंत्री तिरुचिरापल्ली मुख्य डाकघर से तेनूर स्थित अन्ना नगर उजावर मार्केट तक रोड शो करेंगे और इस दौरान आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
रोड शो के बाद तेनूर अन्ना नगर उजावर मार्केट के पास वैको की पदयात्रा का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में द्रमुक मुख्यालय के सचिव वैको के साथ तमिलनाडु सरकार के मंत्री के.एन. नेहरू, अंबिल महेश पोय्यमोलि सहित गठबंधन दलों के कई वरिष्ठ नेता और पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे।
करीब 190 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा तिरुचिरापल्ली से शुरू होकर 12 जनवरी को मदुरै में संपन्न होगी। इसमें भाग लेने के लिए लगभग एक हजार पार्टी कार्यकर्ताओं का चयन किया गया है। कार्यकर्ताओं की सुविधा और उत्साह बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। रात्रि विश्राम स्थलों पर मनोरंजन और प्रेरणा के उद्देश्य से पुराने लोकप्रिय फिल्मी गीतों के साथ-साथ 12 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि प्रतिभागियों में ऊर्जा बनी रहे और थकान महसूस न हो।
पदयात्रा का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2026 में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में ड्राविडियन मॉडल के सुशासन को आगे बढ़ाने के लिए जनता के बीच सकारात्मक माहौल तैयार करना है। द्रमुक का मानना है कि सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा और विकास जैसे मुद्दों पर व्यापक जन-जागरूकता से ही एक मजबूत और समावेशी समाज का निर्माण संभव है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, यह पदयात्रा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समानता, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।--
