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गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में भगवान राम और महापुरुषों पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में सुरक्षा प्रभारी को नोटिस

Date : 28-Apr-2026

 बिलासपुर/रायपुर, 28 अप्रैल । बिलासपुर के गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में भगवान राम और महापुरुषों पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में अब विश्वविद्यालय के सुरक्षा प्रभारी सीमा राय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है। साथ ही आरोपित चार छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज कर हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है।

सुरक्षा प्रभारी सीमा राय को वि.वि. कैंपस में हुए हिंसक हंगामे, मारपीट और सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर 27 अप्रैल काे यह नोटिस जारी की गई है। प्रबंधन ने उनसे जवाब मांगा है कि जब छात्रों के बीच विवाद बढ़ रहा था, तब सुरक्षा घेरा क्यों विफल रहा और स्थिति को समय रहते क्यों नहीं नियंत्रित किया गया। सुरक्षा प्रभारी के साथ-साथ चीफ वार्डन और स्वामी विवेकानंद हॉस्टल के वार्डन को भी उनकी जिम्मेदारियों में लापरवाही बरतने के लिए नोटिस थमाया गया है। इन अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर प्रबंधन के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना है।

उल्लेखनीय है कि विवाद की शुरुआत 24 अप्रैल 2026 की रात करीब 12 से 1 बजे के बीच हुई जब विधि विभाग के छात्रों के एक इंस्टाग्राम/व्हाट्सएप ग्रुप में धार्मिक और जातिगत टिप्पणियां की गई । चैट्स में भगवान राम, भगवान परशुराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था। इसके अलावा, एक छात्र द्वारा "राजपूतों को मुसलमान" कहने वाली टिप्पणी से तनाव और बढ़ गया । जब इन आपत्तिजनक चैट्स के स्क्रीनशॉट छात्रों के बीच वायरल हुए, तो कैंपस में तनाव फैल गया। आक्रोशित छात्र स्वामी विवेकानंद हॉस्टल के सामने जमा हो गए। इसके बाद छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय का घेराव किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की।

पुलिस ने चार आरोपितों तूफानचंद्र नायक, अंशुमान सिंह, कौस्तुभ मणि पांडे और प्रियांशु सिंह पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 299,196,353(1C)और 115, 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।

विश्वविद्यालय प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया है। इन छात्रों के हॉस्टल में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रबंधन की लिखित शिकायत पर बिलासपुर के कोनी थाने में संबंधित छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। निष्कासित छात्रों का आरोप है कि उन्हें आधी रात को बिना किसी पूर्व सूचना के हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया। उनकी शिकायत है कि उनकी परीक्षाओं के लिए ज़रूरी किताबें, नोट्स और प्रवेश पत्र अभी भी हॉस्टल के कमरों में बंद हैं, जिससे वे परीक्षा देने की स्थिति में नहीं हैं। मामले की गहराई से जांच के लिए 4 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जिसे 3 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।


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