उत्तर प्रदेश और देश के एविएशन सेक्टर के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब संचालन के एक अहम चरण को पार कर चुका है। एयरपोर्ट को सुरक्षा से जुड़ी अंतिम बड़ी मंजूरी मिल गई है, जिससे इसके संचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
सुरक्षा मंजूरी के साथ संचालन का रास्ता साफ
दरअसल, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) ने एयरपोर्ट के एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्रोग्राम (एएसपी) को मंजूरी देते हुए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) जारी कर दिया है। यह मंजूरी इस बात का संकेत है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था सभी नियामकीय मानकों पर खरी उतरी है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
एएसपी मंजूरी का महत्व
एएसपी की स्वीकृति किसी भी एयरपोर्ट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसके बिना कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन संभव नहीं होता। इस मंजूरी के साथ ही एयरपोर्ट से उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
जल्द तय होगी कमर्शियल ऑपरेशन की तारीख
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, अब अगला कदम एयरलाइंस कंपनियों और अन्य साझेदारों के साथ मिलकर कमर्शियल संचालन की तारीख तय करना है। इसके लिए सभी पक्षों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि शुरुआत सुचारू और व्यवस्थित तरीके से हो सके।
यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर सभी जरूरी सिस्टम, प्रक्रियाएं और स्टाफ को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कोशिश है कि यात्रियों को शुरुआत से ही सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिल सके। साथ ही टिकट बुकिंग प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
उत्तर भारत के लिए बनेगा नया एविएशन हब
गौरतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक एयरपोर्ट्स में से एक माना जा रहा है। इसके शुरू होने से न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार और व्यापार के अवसर भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
