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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एनसीसी की भूमिका सराहनीय: उपराष्ट्रपति

Date : 05-Jan-2026

 नई दिल्ली, 05 जनवरी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को यहां कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) ने सराहनीय भूमिका निभाई।

उपराष्ट्रपति ने यह बात दिल्ली छावनी क्षेत्र में आयोजित एनसीसी रिपब्लिक डे कैंप-2026 को संबोधित करते हुए कही। एनसीसी रिपब्लिक डे कैंप का समापन 28 जनवरी को प्रधानमंत्री रैली के साथ होगा। करीब एक माह तक चलने वाले इस कैंप में देशभर से 2,406 एनसीसी कैडेट्स भाग ले रहे हैं, जिनमें 898 बालिकाएं शामिल हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारतीय सशस्त्र बलों ने देश को गौरवान्वित किया और विश्व के समक्ष भारत के दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। उन्होंने इस अभियान के दौरान एनसीसी के योगदान की सराहना करते हुए बताया कि लगभग 72 हजार एनसीसी कैडेट्स ने स्वेच्छा से सिविल डिफेंस कर्तव्यों के लिए सेवाएं दीं, जो संकट की घड़ी में देशसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता, साहस और तत्परता को दर्शाता है।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 7 मई 2025 को अंजाम दिया गया था, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के जवाब में कम से कम 100 आतंकियों को मार गिराया गया था।

कैडेट्स को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि 78वें वर्ष में प्रवेश कर चुका एनसीसी आज विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन है, जो अनुशासित, जिम्मेदार और देशभक्त नागरिकों के निर्माण के अपने उद्देश्य पर लगातार कार्य कर रहा है।

एनसीसी के आदर्श वाक्य ‘एकता और अनुशासन’ का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि संगठन ऐसे आत्मविश्वासी और मूल्यनिष्ठ युवाओं को गढ़ रहा है, जो विकसित भारत@2047 की आधारशिला हैं।

गणतंत्र दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि एनसीसी रिपब्लिक डे कैंप न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों को साकार करता है, जहां विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के कैडेट्स साथ रहकर प्रशिक्षण लेते हैं और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने साहसिक गतिविधियों, अंतरराष्ट्रीय युवा विनिमय कार्यक्रमों, पर्यावरण अभियानों और आपदा राहत कार्यों—विशेषकर केरल के वायनाड में आई बाढ़ के दौरान एनसीसी कैडेट्स की भूमिका की भी प्रशंसा की।

एनसीसी प्रशिक्षण के आधुनिकीकरण, साइबर और ड्रोन प्रशिक्षण की शुरुआत तथा रिमोट पायलट ट्रेनिंग अकादमी की स्थापना का स्वागत करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ये पहलें युवाओं को भविष्य की तकनीकी और सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार करेंगी। उन्होंने एनसीसी अधिकारियों, प्रशिक्षकों और स्टाफ के समर्पण की भी सराहना की।

इससे पहले कैंप पहुंचने पर उपराष्ट्रपति ने एनसीसी कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। उन्होंने हॉल ऑफ फेम का दौरा किया, विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉल्स देखे और कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम का अवलोकन किया। कार्यक्रम में एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विरेंद्र वत्स, वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक और देश के विभिन्न हिस्सों से आए कैडेट्स उपस्थित रहे।


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