हिमाचल में सीज़न की पहली भारी बर्फ़बारी, शिमला–मनाली में झूमे सैलानी, अप्पर शिमला का टूटा संपर्क | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

हिमाचल में सीज़न की पहली भारी बर्फ़बारी, शिमला–मनाली में झूमे सैलानी, अप्पर शिमला का टूटा संपर्क

Date : 23-Jan-2026

 शिमला, 23 जनवरी । लंबे इंतज़ार के बाद पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से हिमाचल प्रदेश में मौसम ने आखिर करवट ले ली है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सीज़न की पहली व्यापक और भारी बर्फ़बारी दर्ज की जा रही है, जबकि निचले इलाकों में बारिश और तेज़ आंधी चली है। इससे तापमान में तेज़ गिरावट आई है और समूचे राज्य में शीतलहर का असर बढ़ गया है। जनजातीय और ऊँचाई वाले इलाकों में बीती रात से बर्फ़बारी का सिलसिला जारी है।

राजधानी शिमला में आज तड़के से हिमपात हो रहा है। वहीं पर्यटन नगरी मनाली में भी इस सर्दी की पहली बर्फ़बारी देखने को मिली, जिससे सैलानियों में खासा उत्साह है। ताज़ा बर्फ़बारी के बीच शिमला और मनाली में पर्यटक नाचते–गाते और तस्वीरें लेते नज़र आए। होटल कारोबारियों के अनुसार आगामी दिनों में सैलानियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।

बर्फ़बारी का असर लाहौल–स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, चंबा के साथ-साथ मंडी और सिरमौर जिलों के ऊपरी इलाकों में भी साफ़ दिख रहा है। शिमला के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बर्फ़ गिरने से सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है। ढली से आगे रोहड़ू, कोटखाई, जुब्बल, चौपाल और रामपुर की ओर जाने वाली सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। हालात को देखते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम ने अप्पर शिमला के लिए बस सेवाएं अस्थायी रूप से स्थगित कर दी हैं। अन्य पहाड़ी जिलों में भी कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हुए हैं।

उधर, चंबा जिले में देर रात करीब ढाई बजे अचानक आए तेज़ तूफ़ान ने मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज़ हवाओं के साथ बारिश के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और बिजली लाइनों में तकनीकी खराबी की जानकारी मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल रहने से पानी की आपूर्ति और मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुए हैं।

मौसम के इस बदले मिज़ाज ने किसानों और बाग़बानों के चेहरे खिला दिए हैं। लंबे समय से बारिश और बर्फ़बारी के अभाव से सूखे की चिंता बढ़ रही थी, लेकिन अब राहत मिली है। निचले क्षेत्रों में गेहूं की फसल के लिए यह बारिश बेहद लाभकारी मानी जा रही है, वहीं ऊँचे इलाकों में सेब सहित नाशपाती, चेरी जैसी फसलों को आवश्यक चिलिंग ऑवर्स मिलने शुरू हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पर्याप्त ठंडक मिलने से फलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा। जिन इलाकों में अब तक गेहूं की बिजाई नहीं हो पाई थी, वहां किसान अब बुआई की तैयारी में जुट गए हैं।

इस बीच मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने चंबा, कुल्लू और लाहौल–स्पीति जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बर्फ़बारी और बारिश को लेकर आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों में ओलावृष्टि की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में कल भी मौसम खराब बना रह सकता है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement