वरिष्ठ पत्रकार वरुण सेनगुप्ता और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर ममता बनर्जी की श्रद्धांजलि | The Voice TV

Quote :

"आप जिस दिन बुरे विचारों के ऊपर अपने अच्छे विचारों को रख देंगे, उस दिन जिंदगी खुद-ब-खुद और बेहतरीन हो जाएगी।"

National

वरिष्ठ पत्रकार वरुण सेनगुप्ता और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर ममता बनर्जी की श्रद्धांजलि

Date : 23-Jan-2026

 कोलकाता, 23 जनवरी । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दो अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से प्रख्यात पत्रकार वरुण सेनगुप्ता और देशनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

अपने पहले पोस्ट में मुख्यमंत्री ने प्रख्यात और निर्भीक पत्रकार वरुण सेनगुप्ता की जन्म जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में निडर पत्रकारिता के इतिहास में वरुण सेनगुप्ता का नाम स्वर्णाक्षरों में हमेशा लिखा रहेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वह स्वयं वरुण सेनगुप्ता के स्नेह से धन्य रही हैं, जिसे वह अपना सौभाग्य मानती हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की सिफारिश पर वरुण सेनगुप्ता द्वारा स्थापित ‘वर्तमान’ अख़बार के कोलकाता कार्यालय के पास स्थित मेट्रो स्टेशन का नाम ‘वरुण सेनगुप्ता’ रखा गया है। साथ ही, उनकी स्मृति को संजोने के लिए ‘वर्तमान’ कार्यालय के बगल में ‘वरुण सेनगुप्ता संग्रहशाला’ भी स्थापित की गई है।

दूसरे पोस्ट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देशनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धा और प्रणाम अर्पित किए। उन्होंने कहा कि नेताजी केवल बंगाल या भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक भावनात्मक प्रतीक हैं, जिन्हें लोग कभी भूल नहीं सकते।

मुख्यमंत्री ने नेताजी के धर्मनिरपेक्ष और समावेशी विचारों को रेखांकित करते हुए कहा कि नेताजी का मानना था कि देश किसी एक धर्म या समुदाय का नहीं, बल्कि सभी का है।

आज़ाद हिंद फौज को उन्होंने सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक बताया, जहां हिंदू-मुसलमान, सिख-ईसाई, पुरुष-महिला, अमीर-गरीब सभी कंधे से कंधा मिलाकर देश की आज़ादी के लिए लड़े।

ममता बनर्जी ने कहा कि यदि हम वास्तव में नेताजी का सम्मान करना चाहते हैं, तो हमें उनके एकता, भाईचारे और सौहार्द के आदर्शों को अपनाना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जाति, धर्म और लिंग से ऊपर हम सभी भारतीय हैं—यही हमारी पहचान है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने नेताजी की स्मृति में कई कदम उठाए हैं। अलीपुर म्यूज़ियम में नेताजी की जेल कोठरी का जीर्णोद्धार कर उसे आम जनता के लिए खोला गया है। नेताजी पर प्रदर्शनियां लगाई गई हैं और उनकी पुस्तक ‘तरुणेर स्वप्न’ का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया गया है। इसके अलावा, ‘तरुणेर स्वप्न’ नामक एक परियोजना भी शुरू की गई है, जिसके तहत राज्य सरकार सरकारी स्कूलों के कक्षा 11 के छात्रों को मोबाइल या टैबलेट खरीदने के लिए दस हजार रुपये की सहायता देती है।

ममता बनर्जी ने अपने कहा कि यह देश के लिए दुर्भाग्य है कि आज भी 1945 के बाद नेताजी के साथ क्या हुआ, इसका स्पष्ट उत्तर नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पहले ही इससे जुड़े सभी फाइल सार्वजनिक कर चुकी है और वह एक बार फिर केंद्र सरकार से नेताजी से संबंधित सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक (डीक्लासिफाई) करने का आग्रह करेंगी।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement