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भारत में सामाजिक न्याय की नींव संवैधानिक मूल्यों पर आधारित: सावित्री ठाकुर

Date : 03-Feb-2026

 न्यूयॉर्क, 03 फरवरी । केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री स्मृति सावित्री ठाकुर ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में सामाजिक न्याय और सामाजिक संरक्षण की नींव संवैधानिक मूल्यों पर आधारित है और यह देश की दीर्घकालिक परिकल्पना विकसित भारत 2047 के अनुरूप है।

सावित्री ठाकुर ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित सामाजिक विकास आयोग (सीएसओसीडी) के 64वें सत्र में भारत की अध्यक्षता की। कार्यकम में उन्होंने राष्ट्रीय देते हुए कहा कि भारत मेंशिक्षा के क्षेत्र में लड़कियों और लड़कों की समान भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिसके लिए बेहतर स्कूल अवसंरचना और दूरदराज क्षेत्रों में आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था की गई है। पाइप से पेयजल, स्वच्छ रसोई ईंधन और स्वच्छता सुविधाओं के बड़े पैमाने पर विस्तार से महिलाओं और कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन के तहत करोड़ों बैंक खाते खोले गए हैं, जिनसे महिलाएं उद्यमिता और ऋण योजनाओं की प्रमुख लाभार्थी बनी हैं। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए समर्पित हेल्पलाइन और एकीकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से देशभर में संरक्षण और सहायता तंत्र को मजबूत किया गया है।

महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री स्मृति सावित्री ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सत्र में समावेशी और अधिकार-आधारित सामाजिक विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत को बताते हुए कहा कि सरकार समग्र सरकारी और समग्र सामाजिक दृष्टिकोण के जरिए यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज का कोई भी वर्ग पीछे न छूटे।

उन्होंने कहा कि मातृ, शिशु स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं के तहत 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इसके अलावा बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, असंगठित श्रमिकों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए लक्षित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी विस्तार किया गया है।

उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि इससे सार्वजनिक सेवा वितरण में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। वैश्विक चुनौतियों पर बोलते हुए भारत ने बहुपक्षीय सहयोग, क्षमता निर्माण और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने का समर्थन किया।

उल्लेखनीय कि सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र की अध्यक्षता यूक्रेन की संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि राजदूत क्रिस्टीना हायोविशिन ने की। सत्र को संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना जे. मोहम्मद, महासभा की अध्यक्ष एच.ई. एनालेना बेयरबॉक, ईकोसॉक के अध्यक्ष एवं नेपाल के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत लोकबहादुर थापा, डीईएसए की सहायक महासचिव ब्योर्ग सैंडक्येर तथा एनजीओ समिति ऑन सोशल डेवलपमेंट की अध्यक्ष गिलियन डी’सूजा-नजरेथ ने संबोधित किया। इस सत्र में 100 से अधिक संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों ने भाग लिया।


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