प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए राष्ट्र सर्वोपरि की भावना का दिया संदेश | The Voice TV

Quote :

"छोटा सा बदलाव ही जिंदगी की एक बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है"।

National

प्रधानमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करते हुए राष्ट्र सर्वोपरि की भावना का दिया संदेश

Date : 11-Feb-2026

 नई दिल्ली, 11 फरवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सर्वस्व समर्पण, राष्ट्र सर्वोपरिता और मानवता की भावना को सर्वोच्च बताते हुए कहा कि सर्वस्व समर्पण उसी चेतना की अभिव्यक्ति है, जिसमें राष्ट्र और मानवता सर्वोपरि होते हैं। इसी भावना से अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश के जन-जन को सशक्त बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

प्रधानमंत्री ने बुधवार को इस संबंध में एक्स पर वैदिक सुभाषित साझा किया, यस्येमे हिमवन्तो महित्वा यस्य समुद्रं रसया सहाहुः। यस्येमाः प्रदिशो यस्य बाहू कस्मै देवाय हविषा विधेम॥

इस सुभाषित का अर्थ है कि यह संपूर्ण सृष्टि एक ही सर्वोच्च चेतना से संचालित है। हिमालय, समुद्र और चारों दिशाएं उसी की महिमा और सामर्थ्य का प्रतीक हैं। मंत्र यह भाव व्यक्त करता है कि वही शक्ति राष्ट्र, प्रकृति और मानवता की आधार है। इसी चेतना के प्रति समर्पण और आहुति देकर सेवा, त्याग और राष्ट्रहित के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload









Advertisement