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प्रधानमंत्री मोदी आज और कल दिनभर रहेंगे सिक्किम में, शाम को पहुंचेंगे उप्र, राज्यों को देंगे परियोजनाओं की सौगात

Date : 27-Apr-2026

 नई दिल्ली, 27 अप्रैल । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम का दो दिवसीय दौरा आज से शुरू हो रहा है। वो सिक्किम का दौरा पूराकर मंगलवार शाम दो दिन के दौरे पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री सिक्किम में 4,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। वो अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 6,350 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री का सिक्किम दौरा शुरू होने की पूर्व संध्या पर सरकारी विज्ञप्ति में दी गई।

विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज दोपहर लगभग तीन बजे गंगटोक पहुंचेंगे। 28 अप्रैल को सुबह लगभग 9:30 बजे प्रधानमंत्री गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे। राज्य की पारिस्थितिक और पुष्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए स्वर्णजयंती मैत्री मंजरी पार्क को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्व स्तरीय ऑर्किड अनुभव केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

इसके बाद, सुबह लगभग 10 बजे प्रधानमंत्री पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समारोह के समापन समारोह में हिस्सा लेंगे। यहां वो राज्यभर में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे। यह परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, संपर्क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि सहित कई क्षेत्रों को कवर करती हैं और इनका उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है।

प्रधानमंत्री मोदी नामची जिले के यांगंग में 100 बिस्तरों वाले आयुर्वेद अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। वे एनआईटी देवराली में 30 बिस्तरों वाले एकीकृत सोवा रिग्पा अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे राज्य में पारंपरिक और एकीकृत चिकित्सा प्रणालियों तक पहुंच सुदृढ़ होगी। प्रधानमंत्री यांगंग में सिक्किम विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर, चाकुंग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस उत्कृष्टता विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ब्लॉक, गंगटोक जिले के सोचेयगांग में हेलेन लेपचा मेडिकल कॉलेज और ग्यालशिंग जिले के डेंटम में डेंटम व्यावसायिक कॉलेज का उद्घाटन करेंगे। वो ग्याथांग में मॉडल आवासीय स्कूलों, मंगन जिले के मंगशिला में एक नए मॉडल डिग्री कॉलेज और नामची जिले के बूमटार गुम्पा में एक मठवासी छात्रावास-सह-कक्षा का भी उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, वो सिक्किम के 160 स्कूलों में आईटी-सक्षम शैक्षिक अवसंरचना परियोजनाओं के कार्यान्वयन की शुरुआत करेंगे।

सिक्किम में कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री सिरवानी और लोअर समदोंग में तीस्ता नदी पर बने दो दोहरे लेन वाले स्टील मेहराबदार पुलों की आधारशिला रखेंगे, जो नामची और गंगटोक जिलों को जोड़ेंगे। वे किचुदुमरा होते हुए बिरधांग से नामची तक जाने वाली सड़क के विस्तारीकरण और सुदृढ़ीकरण का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे अंतर-जिला संपर्क बढ़ेगा, यात्रा दक्षता में सुधार होगा और लोगों और माल की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी।

विद्युत क्षेत्र में प्रधानमंत्री गंगटोक में पारेषण और वितरण (टीएंडडी) नेटवर्क के सुधार, उन्नयन और नवीनीकरण का उद्घाटन करेंगे, जिससे क्षेत्र में विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मजबूत होगी। शहरी विकास और प्रशासनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में, प्रधानमंत्री लुम्से में जन सेवा सचिवालय (मिनी सचिवालय) और गंगटोक में सिविल सेवा अधिकारी संस्थान का उद्घाटन करेंगे। वे लिंगडिंग में सिक्किम शहरी गरीब आवास योजना, पुलिस कर्मियों के लिए आवास और एसएपी पांगथांग में ग्रेड सी क्वार्टर सहित आवास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इसके अतिरिक्त, एमजी मार्ग पर सद्भाव मंडप (सार्वजनिक उपयोगिता केंद्र) की आधारशिला रखेंगे।

पर्यावरण संरक्षण प्रयासों के तहत प्रधानमंत्री मोदी नदी प्रदूषण नियंत्रण पहल के अंतर्गत सिंगतम कस्बे में सीवरेज प्रणाली के पुनर्निर्माण की आधारशिला रखेंगे। वे गंगटोक के जोन तृतीय में रोरो चू नदी के माध्यम से रानी चू नदी के प्रदूषण नियंत्रण योजना का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे शहरी स्वच्छता और टिकाऊ इको-सिस्टम में सुधार होगा। पर्यटन और तीर्थयात्रा क्षेत्र में, प्रधानमंत्री गंगटोक में रिज प्रीसिंक्ट के पुनर्विकास, सोरेंग के डोडक में पर्यावरण-पर्यटन और तीर्थयात्रा अवसंरचना, कैलाश मानसरोवर यात्रा से संबंधित अवसंरचना (जिसमें 18वीं मील और हांगू झील की सुविधाएं शामिल हैं) और नामफिंग के कृष्णा प्रणामी मंगलधाम में एक यात्री निवास का उद्घाटन करेंगे। वो ग्यालशिंग जिले के सिलनोन में एक पर्यावरण-तीर्थयात्रा परिसर की आधारशिला भी रखेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी सिक्किम में आईएफएफसीओ प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन करेंगे, जिससे कृषि प्रसंस्करण को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने और राज्य में किसानों की आजीविका और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री युवा भागीदारी और खेल विकास को बढ़ावा देने के लिए पाकयोंग जिले के माइनिंग, रंगपो में इनडोर क्रिकेट सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा सिक्किम के राज्य बनने की स्वर्ण जयंती के वर्ष में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और राज्य तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के तीव्र और सतत विकास के प्रति वर्तमान सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को अंकित करती है।

सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, प्रधानमंत्री 28 अप्रैल को शाम करीब पांच बजे वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां वे लगभग 6,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे। 29 अप्रैल को सुबह लगभग 8:30 बजे प्रधानमंत्री वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री हरदोई के लिए रवाना होंगे और लगभग 11:30 बजे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। वो इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी में 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 पूर्ण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का विस्तारीकरण करना, कज्जाकपुरा और कादीपुर में महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन और भगवानपुर में 55 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उद्घाटन शामिल हैं।

वो विभिन्न सामुदायिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें जल जीवन मिशन के अंतर्गत 30 ग्रामीण पेयजल योजनाएं, चंद्रावती घाट का पुनर्विकास, सारनाथ के पास सारंगनाथ मंदिर का पर्यटन विकास और नागवा स्थित संत रविदास पार्क का सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य शामिल हैं। सार्वजनिक सेवाओं और खेलों में सुधार भी प्रमुखता से किए जा रहे हैं, जिनमें यूपी कॉलेज में सिंथेटिक हॉकी टर्फ, रामनगर में 100 बिस्तरों वाला वृद्धाश्रम और भेलूपुर जल शोधन संयंत्र में 1 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री तिब्बती अध्ययन केंद्रीय विश्वविद्यालय में सोवा रिग्पा भवन और अस्पताल का भी उद्घाटन करेंगे, जो आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों के साथ पारंपरिक चिकित्सा को एकीकृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री लगभग 5,300 करोड़ रुपये की 112 से अधिक परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें अमृत 2.0 के तहत 13 सीवरेज और जल आपूर्ति योजनाएं, श्री शिव प्रसाद गुप्ता संभागीय जिला अस्पताल में 500 बिस्तरों वाला बहु-विशेषज्ञ अस्पताल, भोजुवीर और सिगरा में बाजार परिसरों और कार्यालयों का निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार और नवीनीकरण, 198 बिस्तरों वाले अस्पताल का पुनर्निर्माण, 100 बिस्तरों वाले गहन चिकित्सा ब्लॉक का निर्माण और अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और नमो घाट सहित प्रमुख घाटों पर पर्यटन सुविधाओं का विकास शामिल है। शासन और सामाजिक कल्याण अवसंरचना को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री रामनगर में एकीकृत संभागीय कार्यालय, नगर निगम कार्यालय भवन और एक सरकारी बाल आश्रय गृह और किशोर न्याय बोर्ड की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री बनास डेयरी से जुड़े उत्तर प्रदेश के दूध आपूर्तिकर्ताओं को बोनस के रूप में 105 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी हस्तांतरित करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी जंक्शन-पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन की तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसमें गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण भी शामिल है। यह परियोजना रेल यातायात में भीड़ कम करके, रसद दक्षता बढ़ाकर, बहु-मार्गीय संपर्क को मजबूत करके और यातायात को सुगम बनाकर वाराणसी और चंदौली जिलों को लाभ पहुंचाएगी। इससे काशी विश्वनाथ धाम, रामनगर क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 तक पहुंच में सुधार होगा, साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ रेल संपर्क मजबूत होगा।

प्रधानमंत्री दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। यह हैं- बनारस-पुणे (हडपसर) और अयोध्या-मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस)। ये ट्रेनें किफायती और आधुनिक यात्रा विकल्प प्रदान करेंगी और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच संपर्क बढ़ाएंगी। बनारस-पुणे सेवा से काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंचना आसान होगा, जबकि अयोध्या-मुंबई सेवा से श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र तक संपर्क बेहतर होगा और प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।

प्रधानमंत्री हरदोई जिले में गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे, जो देश में विश्व स्तरीय अवसंरचना के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। गंगा एक्सप्रेस-वे 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8-लेन तक विस्तारित करने योग्य), एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसका निर्माण लगभग 36,230 करोड़ रुपये की कुल लागत से किया गया है। यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों- मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है, जिससे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक ही निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा गया है।

इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाने की उम्मीद है, जिससे आवागमन में सुगमता और परिवहन में दक्षता में सुधार होगा। इस परियोजना की प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (हवाई पट्टी) का निर्माण है। यह दोहरे उपयोग वाली अवसंरचना राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करती है और आर्थिक लाभ के अलावा रणनीतिक महत्व भी प्रदान करती है।

गंगा एक्सप्रेस-वे को एक प्रमुख आर्थिक गलियारे के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसके मार्ग में पड़ने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक गलियारे विकसित किए जाएंगे। यह एक्सप्रेस-वे लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा, आपूर्ति शृंखला की दक्षता में सुधार करेगा और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा।

बेहतर संपर्क व्यवस्था से किसानों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और ग्रामीण आय में वृद्धि होगी। इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, नए आर्थिक अवसर खुलने और पूरे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेस-वे राज्य में एक व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी के रूप में भी काम करेगा, जिसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे और मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार सहित कई लिंक कॉरिडोर या तो चालू हैं या योजनाबद्ध हैं। यह उभरता हुआ एक्सप्रेस-वे नेटवर्क उत्तर प्रदेश में पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक उच्च गति वाली सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार करेगा, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास संभव होगा।

गंगा एक्सप्रेस-वे सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि एक परिवर्तनकारी पहल है, जो लॉजिस्टिक लागत को कम करेगी, औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगी, कृषि और ग्रामीण आय को बढ़ावा देगी, रोजगार सृजित करेगी और पूरे राज्य में समग्र आर्थिक विकास को गति देगी।


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