उत्तरकाशी, 12 फरवरी। सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित करने समेत 9 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तरकाशी की आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर प्रदर्शन की मांग की। इस दौरान राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा।
गुरुवार को आशा कार्यकर्ता काली कमली धर्मशाला में एकत्रित हुईं और वहां से मुख्य बाजार होते हुए नारेबाजी के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। कलेक्ट्रेट परिसर में उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सांकेतिक धरना दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।
ज्ञापन में श्रम कानूनों में किए गए संशोधनों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने तथा पूर्ववत श्रम कानून लागू करने की मांग की गई है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं और भोजन माताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित कर प्रति माह न्यूनतम 30,000 रुपये वेतन देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।
इस दौरान यूनियन के जिला संयोजक (ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन एटक) महावीर प्रसाद भट्ट, जिला अध्यक्ष रेखा नौटियाल, संरक्षक सरिता जोशी, बासु पंवार (चिन्यालीसौड़), आरती सेमवाल (भटवाड़ी), रीना सेमवाल, कविता उनियाल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
