लखनऊ, 12 फरवरी। उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन शून्य प्रहर में समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य अतुल प्रधान ने गुरुवार को नियम 300 के तहत एआई का मुद्दा उठाया। पीठ की ओर से सरकार से संज्ञान लेने के लिए कहा गया।
अतुल प्रधान ने कहा कि एआई खतरनाक तकनीक है। एक एजेंसी के लोग मेरे पास आये थे। उनका कहना था कि वे मेरे भाषण को मेरे जाए बगैर जनता को मेरी ही आवाज में सुना देंगे। चेहरा भी मेरा ही होगा। महोदय यदि मेरा चेहरा और मेरी आवाज लोगों तक हूबहू अच्छे परिपेक्ष्य में पहुंच सकती है तो उसका गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। मैंने अपने जिले के एसएसपी से अपने से जुड़े एक मामले में शिकायत की है, लेकिन उसका कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पीठ से आग्रह किया कि संसदीय कार्य मंत्री इस पर ध्यान देंगे। अध्यक्ष ने कहा कि यह (एआई) खासकर राजनीतिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है। इसलिए ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और कुछ लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 10 फरवरी को केन्द्र सरकार ने एआई पर कानून बनाया है। इस संबंध में कानून विद से चर्चा करने के उपरांत कोई कदम उठाया जाएगा। इससे पहले प्रदेश सरकार के आईटी मंत्री सुनील शर्मा ने सरकार का पक्ष रखा।
