किशनगंज, 24 अप्रैल। शहर से सटे टेउसा पंचायत के शिमलबाड़ी स्थित जूट मिल की जमीन की खरीद-बिक्री में सामने आई अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस बहुचर्चित मामले में नए सिरे से जांच शुरू करने का आदेश दिया गया है।
प्रारंभिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जूट मिल की जमीन पर अतिक्रमण कर अवैध तरीके से खरीद-बिक्री की गई है। इससे इलाके में हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि पूरे प्रकरण में संगठित रूप से भू-माफियाओं की संलिप्तता हो सकती है।
जांच के दौरान यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि जूट मिल परिसर में सरकारी राशि से निर्मित कई भवन अब गायब हैं। मौके पर केवल कुछ पिलर के अवशेष ही बचे हैं, जो पूरे मामले की कहानी बयां कर रहे हैं। इससे सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका गहरा गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिए बिना जमीन की खरीद-बिक्री कैसे की गई। आशंका जताई जा रही है कि नियमों को दरकिनार कर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया है।
जिलाधिकारी विशाल राज ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच में जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि किन लोगों ने नियमों का उल्लंघन कर इस अवैध खरीद-बिक्री को अंजाम दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप है और आने वाले दिनों में अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
