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केंद्र सरकार ने 75 लाख से अधिक वंचित छात्रों की शिक्षा के लिए जारी किए 7,981 करोड़ रुपये

Date : 24-Apr-2026

 नई दिल्ली, 24 अप्रैल । केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 75 लाख से अधिक वंचित छात्रों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए 7,981.47 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। यह राशि मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (एससी) के वंचित छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जारी की गई है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, इस वित्तीय सहायता के तहत विभिन्न प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। मंत्रालय का कहना है कि सरकार का लक्ष्य आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने शुक्रवार को कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए समावेशी विकास और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लक्षित समाधान और कल्याणकारी पहलों के माध्यम से वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

मंत्री ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अनुसूचित जातियों (एससी), अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी), वरिष्ठ नागरिकों, नशे और मादक द्रव्यों के सेवन से पीड़ित लोगों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, भिक्षावृत्ति में लगे व्यक्तियों, गैर-अधिसूचित और खानाबदोश जनजातियों (डीएनटी), हाथ से मैला ढोने वालों, सफाईकर्मियों (कचरा बीनने वालों सहित) तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं और अधिनियमों के क्रियान्वयन की निगरानी करता है।

वीरेंद्र कुमार ने कहा कि अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं के तहत व्यय में लगातार सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि अनुसूचित जाति के लिए स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति योजना में 11.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इसके अलावा, अनुसूचित जाति छात्रों के लिए उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए केंद्रीय क्षेत्र छात्रवृत्ति में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वहीं, लक्षित क्षेत्रों में उच्च विद्यालयों में छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा योजना ‘श्रेष्ठा’ में 16 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में अधिक बताई गई है।

सरकार का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में यह निवेश सामाजिक समानता को मजबूत करेगा और वंचित तबकों के छात्रों को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा। मंत्रालय ने इसे सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।


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