झाड़ग्राम, 12 फरवरी । बेलपहाड़ी क्षेत्र के लालजल इलाके में लकड़ी और बांस से बना अस्थायी सांको (पुलिया) रविवार रात अज्ञात लोगों द्वारा जलाने के बाद चार गांवों के ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इधर गुरुवार से 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा शुरू होने वाली है, जिससे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों की चिंता और गहरा गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, बिनपुर-दो ब्लॉक की भूलाभेदा ग्राम पंचायत अंतर्गत लालजल गांव के प्रवेश मार्ग पर स्थित पहाड़ी झरने पर बना यह अस्थायी सांको लालजल, पाटागढ़, खंदरभूला और गिदीघाटी गांव के लोगों के आवागमन का मुख्य साधन था। पिछले वर्ष बरसात में स्थायी कलवर्ट बहने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की सहायता से लकड़ी और बांस का यह सांको तैयार किया था। किंतु रविवार रात अज्ञात तत्वों द्वारा इसे जला दिए जाने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
स्थिति यह है कि ग्रामीणों को अपने कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए कीचड़ भरे खेतों से होकर पैदल गुजरना पड़ रहा है। अन्य विकल्प के रूप में उन्हें करीब आठ किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर बेलपहाड़ी-बांशपहाड़ी राज्य मार्ग से होकर जाना पड़ रहा है। इससे समय और खर्च दोनों में वृद्धि हो रही है।
बुधवार शाम इस मुद्दे पर गांव में ग्रामीणों की एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें लोगों का आक्रोश और चिंता स्पष्ट रूप से सामने आई। अभिभावकों का कहना है कि यदि परीक्षा के दौरान छात्र समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंचने पर उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
लालजल निवासी स्वरूप महतो ने बताया कि प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, बेलपहाड़ी टूरिज्म एसोसिएशन के प्रवक्ता विधान देवनाथ ने कहा कि आगामी बसंती पूजा और मेले के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने की संभावना है। यदि शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो पर्यटकों को भी निराशा का सामना करना पड़ सकता है।
इस संबंध में बिनपुर-दो पंचायत समिति के अध्यक्ष विकासचंद्र सरदार ने बताया कि उक्त स्थान पर कलवर्ट निर्माण के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने शीघ्र स्थायी कलवर्ट निर्माण की मांग दोहराते हुए कहा है कि भविष्य में इस प्रकार की समस्या की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस पहल आवश्यक है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक किसी नई वैकल्पिक व्यवस्था की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे क्षेत्र में असंतोष का माहौल बना हुआ है।
