भुवनेश्वर, 06 अप्रैल । ओडिशा सरकार ने 23 जिलों में विशेष विकास परिषदों (एसडीसी) के गठन की घोषणा करते हुए अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। इस पहल का उद्देश्य आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करना और विकास को गति देना है।
सरकारी घोषणा के अनुसार, अंगुल जिले के लिए बशिष्ठ नायक को अध्यक्ष और सुरुमुणि छतर को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि बलांगीर में बल्लभ धरुआ और जयंती भोई को जिम्मेदारी दी गई है। बालेश्वर में बिपिन मरांडी और झरना सिंह, तथा बरगढ़ में गोवर्धन भोई और तिलोत्तमा भुए परिषद का नेतृत्व करेंगे। बौद्ध में डमरू धर कहर और झरना जानी को नियुक्त किया गया है, जबकि देवगढ़ में प्रशांत बेहरा और प्रमिला किशन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ढेंकानाल में नाउरी सिंह और सेवती भोई तथा गजपति में कामदेव बड़नायक और पंकजिनी दलेई को नियुक्त किया गया है।
इसी प्रकार, गंजाम में नीलमाधव पात्र और ललिता प्रधान, जाजपुर में राजेंद्र कंदुलिया और शनि जरिका, तथा झारसुगुड़ा में समल नाइक और संयुक्ता उरांव को जिम्मेदारी दी गई है। कालाहांडी में विजय दिशारी और रीना भोई, जबकि कंधमाल में मानगोविंद प्रधान और कल्पना कहार को नियुक्त किया गया है। केन्दुझर में ममता नाएक और मानस नाएक, कोरापुट में भगवान मुदुली और सुकांति माझी तथा मलकानगिरि में गंगाधर सोड़ी और सावित्री पड़ियामी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मयूरभंज में डाॅ. बुधान मुर्मू और कौशल्या नाएक को नेतृत्व दिया गया है।
इसके अलावा, नबरंगपुर में बसंती माझी और लिंगराज भतरा, नयागढ़ में त्रिनाथ मलिक और समिता देहुरी, नुआपाड़ा में होमेसिंह माझी और बेलामति माझी, संबलपुर में भगेंद्र किशन और सुषमा मुंडा, रायगढ़ा में विद्याधर शबर और मंजुला मिनियाका तथा सुंदरगढ़ में संतोष अमात और गांगि किंडो को नियुक्त किया गया है।
