ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल, कांग्रेस और एमके स्टालिन से ‘समझौते’ का भी जताया संदेह | The Voice TV

Quote :

"छोटा सा बदलाव ही जिंदगी की एक बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है"।

National

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल, कांग्रेस और एमके स्टालिन से ‘समझौते’ का भी जताया संदेह

Date : 06-Apr-2026

 कोलकाता, 06 अप्रैल । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। इस बार उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ कथित नजदीकी के आरोपों के अलावा कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के प्रमुख एमके स्टालिन के साथ भी आयोग की सांठगांठ होने का संदेह जताया है।

सोमवार को नदिया जिले के नाकाशीपाड़ा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को बड़े पैमाने पर हटाकर तमिलनाडु भेजा जा रहा है, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि आखिर तमिलनाडु के साथ इतना लगाव क्यों दिखाया जा रहा है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि सभी अधिकारियों को तमिलनाडु भेज दिया गया है, इससे यह संदेह होता है कि कहीं अंदरखाने कांग्रेस और एमके स्टालिन के साथ कोई समझ तो नहीं है।

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान राज्य प्रशासन को कमजोर करने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला किया गया है। वह पहले भी इस तरह के फैसलों का विरोध करती रही हैं और इसके पीछे की मंशा पर सवाल उठाती रही हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में अधिकारियों को हटाया गया है जबकि अन्य राज्यों में ऐसा नहीं किया गया। उनके अनुसार कुल 510 अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में हटाया गया है, जिनमें से लगभग 500 अधिकारी केवल पश्चिम बंगाल से हैं, जबकि बाकी राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश से मिलाकर केवल 10 अधिकारियों को हटाया गया है।

अपने भाषण में ममता बनर्जी ने कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त सुप्रतीम सरकार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सुप्रतीम सरकार, जिनके दो विशेष आवश्यकता वाले बच्चे हैं, उन्हें भी तमिलनाडु भेज दिया गया। उन्होंने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि क्या इस तरह के फैसले लेते समय मानवीय पहलुओं पर विचार नहीं किया गया।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सहित चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। ममता बनर्जी का आरोप है कि केवल पश्चिम बंगाल में ही इस तरह अधिकारियों को बड़े पैमाने पर हटाने की कार्रवाई की गई है, जो निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के दौरान इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप से सियासी माहौल और अधिक गर्म हो सकता है। फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement