बिना आरसी, इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रही निगम की कचरा ढोने वाली गाड़ियां | The Voice TV

Quote :

"अगर आप वो पाना चाहते हैं जो आपने कभी नहीं पाया, तो आपको वो करना होगा जो आपने कभी नहीं किया।" — स्टीव जॉब्स

National

बिना आरसी, इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रही निगम की कचरा ढोने वाली गाड़ियां

Date : 20-May-2026

 धमतरी, 20 मई । नगर निगम धमतरी में कचरा संग्रहण के लिए खरीदी गई टिप्पर गाड़ियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने निगम प्रशासन पर लाखों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। आरोप है कि निगम ने बाजार मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर टिप्पर खरीदी और उन्हें बिना आरसी, बिना इंश्योरेंस तथा बिना नंबर प्लेट के ही सड़कों पर उतार दिया। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मामले में निगम प्रशासन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेजों के अनुसार नगर निगम ने तीन टन क्षमता वाली दो टिप्पर गाड़ियां खरीदीं। बाजार में इनकी कीमत लगभग 16 लाख रुपये प्रति गाड़ी बताई जा रही है, जबकि निगम ने प्रत्येक टिप्पर 24 लाख 75 हजार रुपये में खरीदी। इस हिसाब से प्रति गाड़ी आठ लाख 75 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान किया गया और दो गाड़ियों में कुल 17 लाख 50 हजार रुपये के नुकसान का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि एक ओर नगर निगम आर्थिक संकट और 106 करोड़ रुपये की देनदारी का हवाला देता है, वहीं दूसरी ओर गाड़ियों की खरीदी में लाखों रुपये अतिरिक्त खर्च किए गए। नगर निगम का मामला केवल अधिक कीमत तक सीमित नहीं है। टेंडर शर्तों में 60 लीटर क्षमता का डीजल टैंक मांगा गया था, लेकिन मौके पर जांच में गाड़ियों में 40 लीटर का टैंक पाया गया। नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने इसे टेंडर शर्तों का उल्लंघन बताते हुए गंभीर वित्तीय अनियमितता करार दिया। भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने पूरे मामले को खुला भ्रष्टाचार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर के साथ उप नेता विशु देवांगन, पार्षद योगेश लाल, सूरज गहरवाल, सुमन सोमेश मेश्राम, पूर्णिमा गजानंद रजक, भागी ध्रुव और रामेश्वरी कोसरे ने निगम आयुक्त प्रिया गोयल को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में मांग की गई है कि टिप्पर खरीदी की जांच ईओ डब्ल्यू (इकोनोमिक ओफेंस विंग) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से कराई जाए। जिम्मेदार अधिकारियों और सप्लायर पर प्राथमिकी दर्ज हो। 17.50 लाख रुपये की वसूली दोषियों से की जाए। बिना आरसी और दस्तावेजों वाली गाड़ियों को तत्काल जब्त किया जाए। इस संबंध में नगर निगम धमतरी आयुक्त प्रिया गोयल ने कहा कि निगम के विपक्षी पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल से निगम द्वारा की गई वाहन खरीदी में अनियमितता संबंधी पत्र प्राप्त हुआ है। मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।

सूचना के अधिकार में यह भी खुलासा हुआ कि दोनों टिप्पर गाड़ियां पिछले चार महीनों से बिना आरसी बुक, बिना इंश्योरेंस और बिना नंबर प्लेट के शहर में कचरा संग्रहण कार्य में लगी हुई हैं। इसे मोटर व्हीकल एक्ट का खुला उल्लंघन बताते हुए दीपक सोनकर ने सवाल उठाया कि यदि किसी दुर्घटना की स्थिति बनती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement