सांसद अभिषेक बनर्जी की भर्ती को लेकर बढ़ा विवाद, ममता के वीडियो से सियासी तूफान | The Voice TV

Quote :

"सफलता अंतिम नहीं है; असफलता घातक नहीं है: आगे बढ़ने का साहस ही मायने रखता है।" — विंस्टन चर्चिल

National

सांसद अभिषेक बनर्जी की भर्ती को लेकर बढ़ा विवाद, ममता के वीडियो से सियासी तूफान

Date : 31-May-2026

 कोलकाता, 31 मई । पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में ममता बनर्जी बेल व्यू क्लिनिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप टंडन से नाराजगी जताती और अभिषेक बनर्जी को भर्ती नहीं किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करती दिखाई दे रही हैं।

वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जिस मामले में ममता बनर्जी ने शनिवार रात अस्पताल प्रबंधन पर भाजपा और पुलिस अधिकारियों के दबाव का आरोप लगाया था, उसी मामले में अब वह स्वयं अस्पताल के शीर्ष अधिकारी पर दबाव बनाती नजर आ रही हैं।

भाजपा विधायक तरुण ज्योति तिवारी ने वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी लंबे समय से झूठ की राजनीति करती रही हैं और चुनावी झटकों के बावजूद उनका रवैया नहीं बदला है।

जानकारी के अनुसार, सोनारपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई एक घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को पहले अपोलो अस्पताल कोलकाता ले जाया गया था। वहां चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं बताई। इसके बाद उन्हें बेल व्यू क्लिनिक ले जाया गया।

शनिवार रात अस्पताल के बाहर मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि बेल व्यू क्लिनिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप टंडन पर दक्षिण कोलकाता के पुलिस उपायुक्त द्वारा दबाव बनाया जा रहा था और भाजपा के प्रभाव में अभिषेक को भर्ती नहीं किया गया।

हालांकि, रविवार को सामने आए वीडियो के बाद भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने पलटवार किया है। विपक्ष का कहना है कि यदि चिकित्सकों ने चिकित्सकीय आधार पर भर्ती की आवश्यकता नहीं समझी, तो अस्पताल प्रशासन पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाना उचित नहीं है।

इस बीच बेल व्यू क्लिनिक की मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि 38 वर्षीय अभिषेक बनर्जी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य थी। जांच में किसी गंभीर चोट के संकेत नहीं मिले और केवल छाती पर हल्की चोट का उल्लेख किया गया। चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं बताई तथा कुछ दिनों तक आराम और दवा लेने की सलाह दी।

वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां भाजपा मुख्यमंत्री के व्यवहार पर सवाल उठा रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से विवाद और वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement