नई दिल्ली, 12 जून। विदेश मंत्रालय में शुक्रवार को अमेरिकी दूतावास के प्रभारी राजनयिक जेसन मीक्स को ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के लगातार हमलों के संबंध में तलब किया गया। मंत्रालय ने नागरिक जहाजों पर घातक बल प्रयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की और स्पष्ट कहा कि ऐसे कृत्य अस्वीकार्य हैं।
एक दिन पहले एक बार फिर एक भारतीय चालक दल वाले जहाज को अमेरिकी नौसेना की ओर से निशाना बनाया गया। इस संबंध में आज अमेरिकी दूतावास के प्रभारी राजनयिक को तलब किया गया। राजनयिक करीब 45 मिनट तक विदेश मंत्रालय में रहे।
इसके बाद विदेश मंत्रालय की ओर से एक वक्तव्य जारी किया गया। इसमें कहा गया कि मंत्रालय ने नागरिक जहाजों के खिलाफ घातक बल के प्रयोग पर एक बार फिर गहरी चिंता व्यक्त की। उनसे कहा गया कि ऐसे कृत्य अस्वीकार्य हैं और एक संवेदनशील क्षेत्र में कठिन समय में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा, संरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं।
मंत्रालय के अनुसार अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रभारी से कहा गया कि वे अपने अधिकारियों को भारत की गंभीर चिंताओं से अवगत कराएं और यह सुनिश्चित करें कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सेनाएं नागरिक जीवन की हानि को रोकने के लिए सभी आवश्यक उपाय करें।
उल्लेखनीय है कि पिछले चार दिनों में तीन बार भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों को लाल सागर क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की ओर से निशाना बना जा चुका है। पलाऊ के झंडे वाले टैंकर 'मैरीवेक्स' और 'सेटेबेलो' पर हमले हुए। 'सेटेबेलो' पर हमले में तीन भारतीय नाविक डेक कैडेट आदित्य शर्मा, फिटर शिवानंद चौरसिया और चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश की मृत्यु हो गई। वहीं गुरुवार को एक अन्य जहाज एमटी जलवीर पर हमला हुआ।
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने बुधवार को भी प्रभारी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब कर मैरीवेक्स’ की घटना पर अपना विरोध दर्ज कराया था।
