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सुरेश राठौर पर देशराज का हमला, दुष्यंत गौतम के खिलाफ साजिश का लगाया आरोप

Date : 12-Jun-2026

 हरिद्वार, 12 जून। अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े कथित भ्रामक ऑडियो क्लिप मामले में उच्च न्यायालय नैनीताल के हालिया आदेश और सुरेश राठौर द्वारा पत्रकार वार्ता कर अपने ऊपर दर्ज दो मुकदमों को खारिज कर दिए जाने के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है।

श्री गुरु रविदास विश्वमहापीठ भारत एवं उत्तराखंड इकाई के पदाधिकारियों डा. धर्मेन्द्र कुमार व राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा राष्ट्रीय भाजपा नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा दो मुकदमें खारिज किए जाने के दावे को भी गलत बताया।

प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल ने कहा कि उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय ने अंतरिम संरक्षण आदेश को निरस्त करते हुए मामले में लगाए गए।

आरोपों को गंभीर माना है तथा पुलिस को विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए कहा है। कहाकि न्यायालय ने मुकदमों को खरिज नहीं किया, बल्कि दो मुकदमों में एक सी धाराएं होने के कारण उन्हें अन्य मुकदमों के साथ मर्ज किया है। देशराज कर्णवाल ने कहाकि न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि बिना पर्याप्त साक्ष्यों के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप गंभीर प्रकृति के हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कथित ऑडियो क्लिप के माध्यम से भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

आरोप लगाया कि सुरेश राठौर द्वारा समय-समय पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगना इस बात का संकेत है कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप निराधार थे। उन्होंने कहा कि भाजपा और रविदासिया समाज के अनेक लोगों ने भी सुरेश राठौर के बयानों से स्वयं को अलग किया है।

कहा कि सुरेश राठौर और दुष्यंत कुमार गौतम के बीच व्यक्तिगत एवं राजनीतिक मतभेद रहे हैं, जिसके चलते यह पूरा प्रकरण राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। संस्था ने राज्य पुलिस से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग करते हुए कहा कि न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि न्यायालय ने सुरक्षा संबंधी पहलुओं को देखते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।

प्रेस वार्ता के दौरान किशोर पाल, प्रदेश संरक्षक, श्री गुरुरविदास विश्वमहापीठ के संजय व राजेश मौजूद रहे।


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