मुंबई, 12 जुन । महाराष्ट्र के लातूर जिले के देवणी तालुका के बोंबली गांव के किसान काशीनाथ गायकवाड़ को सरकारी सहायता के रूप में दिया गया बैल बीमार निकला, जिसके बाद सरकार और प्रशासन की विभिन्न स्तरों पर आलोचना शुरू हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर डॉ. भारत बस्तेवाड को निर्देश दिया कि काशीनाथ गायकवाड़ को बाजार ले जाकर उनकी पसंद का नया बैल खरीदकर दिया जाए। इसके बाद किसान को जल्द ही नया बैल मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, किसान काशीनाथ गायकवाड़ का एक बैल बिजली गिरने से मर गया था। इसके बाद वे अपनी पत्नी हौसाबाई को बैल की जगह हल में जोतकर खेती करते हुए दिखाई दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे राज्य में संवेदना और चिंता व्यक्त की गई। सरकार ने मामले का संज्ञान लेते हुए 10 जून को पशुपालन विभाग के माध्यम से किसान को तत्काल सहायता के तौर पर एक बैल उपलब्ध कराया। हालांकि, खेत की जुताई के दौरान यह बैल अचानक बैठ गया और बाद में उसके बीमार होने की पुष्टि हुई। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
इसके बाद आरोप लगाए गए कि किसान की मदद करने के बजाय प्रशासन ने उसे एक बीमार बैल सौंप दिया, जिससे उसे अब बैल के इलाज का खर्च भी उठाना पड़ रहा है। विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इसे प्रशासन की लापरवाही बताते हुए सरकार की आलोचना की।
मुंबई मे शुक्रवार (12 जून) को आयोजित भाजपा की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री फडणवीस से इस मामले पर सवाल पूछा। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले लातूर से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई थी। उन्होंने बताया कि भूमिहीन किसान काशीनाथ गायकवाड़ दूसरों की जमीन पर बटाई के आधार पर खेती करते हैं। एक बैल की मौत के बाद वे अपनी पत्नी को हल में जोतकर खेती करने को मजबूर हो गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस घटना के बाद मैंने तुरंत जिला प्रशासन को मृत बैल के लिए मुआवजा देने और सहायता स्वरूप एक बैल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन बाद में पता चला कि दिया गया बैल उपयुक्त नहीं था। इसलिए मैंने आज जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि किसान को बाजार ले जाकर उनकी पसंद का स्वस्थ बैल खरीदकर दिया जाए। ”मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद किसान काशीनाथ गायकवाड़ को जल्द ही नया और स्वस्थ बैल मिलने का रास्ता साफ हो गया है।”
