भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक गिरीश चंद्र मुर्मू को एक बार फिर 2024 से 2027 के चार वर्षों के कार्यकाल के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन का बाहरी लेखा परीक्षक चुना गया है। वे 2019 से 2023 के कार्यकाल के लिए पहले से ही इस पद पर हैं। जेनेवा में कल विश्व स्वास्थ्य संगठन की 76वीं आम बैठक में उनको दोबारा चुना गया है। पहले दौर के मतदान में उन्हें 1 सौ 14 के मुकाबले एक सौ 56 मतों के जबरदस्त बहुमत से चुना गया। निर्वाचन के बाद विश्व स्वास्थ्य आम सभा को संबोधित करते हुए श्री मुर्मू ने बाह्य लेखा परीक्षक के रूप में अपने दृष्टिकोण का उल्लेख किया। उन्होंने बेहतर परिणाम के लिए प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता और पेशेवर तरीके से कामकाज पर जोर दिया।
नियंत्रक और महालेखा परीक्षक कार्यालय ने कहा है कि यह नियुक्ति अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच सी ए जी के पेशेवर दृष्टिकोण, उच्च मानकों, वैश्विक लेखा परीक्षण अनुभव और विश्वसनीयता का प्रमाण है।
बाह्य लेखा परीक्षक के पद पर चयन के बाद भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लेखा परीक्षा का यह दूसरा महत्वपूर्ण दायित्व मिला है। इससे पहले मार्च में उन्हें अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन का बाह्य लेखा परीक्षक चुना गया था।
