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मप्रः सतपुड़ा भवन में लगी आग पर राजनीति शुरू, विपक्ष हुआ हमलावर

Date : 13-Jun-2023

 भोपाल, 13 जून । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंत्रालय के पास स्थित सतपुड़ा भवन (सचिवालय) में लगी भीषण आग पर 20 घंटे बाद मंगलवार को पूरी तरह से काबू पा लिया गया है, लेकिन अब इस मामले में राजनीति शुरू हो गई है। इस मामले को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है। कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इसे लंका दहन की संज्ञा दी है तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा कि हनुमान जी की महिमा अपरंपार है। कर्नाटक से सीधा भोपाल पहुंच गए और लंका दहन शुरू। कमलनाथ ने कहा कि सतपुड़ा भवन में आग लगना अत्यंत चिंता का विषय है। आग लगी है या लगाई गई? अभी तक बोला है कि 12 हजार फाइलें जली हैं। पता नहीं कितने हजारों फाइल जली हैं? क्या लक्ष्य था, क्या उद्देश्य था? यह भ्रष्टाचार का बहुत बड़ा मामला है। इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए।

मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि शिवराज सिंह की सरकार ने अपनी लंका खुद जला ली, ताकि उनके काले कारनामे उजागर नहीं हो सकें। कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष अरुण यादव ने ट्वीट कर कहा कि प्रियंका गांधी ने घोटाले गिनाए, तो सतपुड़ा भवन में आग लग गई, कई महत्वपूर्ण फाइलें खाक हुईं। कहीं आग के बहाने घोटाले के दस्तावेज जलाने की सजिश तो नहीं। यह आग मध्य प्रदेश में बदलाव के संकेत दे रही है।

कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने ट्वीट किया कि शिवराज के दफ़्तर की आग बता रही है, भाजपा सरकार मध्य प्रदेश से जा रही है। पूर्व मंत्री और विधायक उमंग सिंघार ने ट्वीट कर कहा कि 15 दिन पूर्व मैंने भोपाल में संपन्न पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि सरकारी दफ्तरों में आग लगने का अभियान शुरू होगा और देखिए शुरू हो गया।

भाजपा से कांग्रेस में आए पूर्व मंत्री दीपक जोशी ने ट्वीट कर कहा कि यह मध्यप्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार की लपटें हैं। विभागों के भ्रष्टाचार की फाइलें जलाकर खाक कर दी गईं। यह आग किन परिस्थितियों में लगी? आखिर इतने महत्वपूर्ण भवन में क्यों आग पर काबू पाने पर्याप्त साधन नहीं थे? इस अग्निकांड की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

बहुजन समाज पार्टी के राज्यसभा सांसद और मप्र के प्रदेश प्रभारी रामजी गौतम ने ट्वीट कर कहा कि सतपुड़ा जलता रहा, सत्ता मुस्कुराती रही, क्योंकि नर्सिंग कॉलेज स्कैम, कोविड खर्च, लोकायुक्त शिकायत, आदिवासी कल्याण खर्च के साथ तमाम गोपनीय फाइल्स जलकर राख हो गईं। सतपुड़ा में आग चुनाव से पहले ही लगती है। इससे पहले 14 दिसंबर 2018, 25 जून 2012 को भी इसी भवन में आग लगी थी।

समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री आईपी सिंह ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा ढोल बजाकर देश से जा रही है। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने मान लिया कि वह सत्ता से जा रही है। यह आग सीएम के उस कार्यालय में लगी है, जहां सरकार के सबसे अहम दस्तावेज रखे जाते हैं। आग का बहाना बनाकर सारे गोलमाल पर पानी डाल दिया गया, लेकिन संदेश चला गया कि फर्जी मामा जा रहा है।

एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक नीरज कुंदन ने ट्वीट किया है कि प्रियंका गांधी की मध्यप्रदेश में एंट्री क्या हुई, शिवराज सिंह ने अपने खुद के विसर्जन की तैयारी चालू कर दी है। भोपाल सतपुड़ा भवन में भ्रष्टाचार से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों को जला दिया गया। स्पष्ट है कांग्रेस की सरकार पूर्ण बहुमत से आ रही है।

कांग्रेस राजनीति कर रहीः भाजपा

सतपुड़ा भवन में आग को लेकर बयानबाजी पर भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ये गिद्ध रूपी चारित्रिक कांग्रेस है। इसे लाशों पर राजनीति करने में मजा आता है। दुर्घटनावश लगी आग पर मखौल उड़ाने में मजा आता है। ये अपने आप में दुखद है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के लोग कह रहे हैं कि हमें पहले से पता था, तो क्या उन्होंने लगवाई है? जो भी है मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनाई है, जांच में सामने आ जाएगा। वहां कोई भी ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं थे, जो इस तरह का काम किया जाए। कांग्रेस का आरोप बेबुनियाद है।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सतपुड़ा भवन में आग लगने के कारणों की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। डिजिटल युग में दस्तावेज नष्ट करना संभव नहीं है। थोड़ा समय लगेगा, लेकिन जल्द पूरा बैकअप क्रिएट कर लिया जाएगा। आज शाम से वैकल्पिक दफ्तर शुरू हो जाएंगे। कल से कर्मचारी काम शुरू कर देंगे। कांग्रेस के आरोप पर बोले- कैसे कोई पेट्रोल-केरोसिन ले जाएगा। कांग्रेस हादसों पर राजनीति करती है।


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