राजस्थान की तपती गर्मी में भी ठंड का अहसास दिलाती है गुरु शिखर, यहां दिखती है अद्भुत रोशनी! | The Voice TV

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राजस्थान की तपती गर्मी में भी ठंड का अहसास दिलाती है गुरु शिखर, यहां दिखती है अद्भुत रोशनी!

Date : 20-Aug-2024

माउंट आबू भारत में हर एक चीज का नाम होता है. जानवरों का, पहाड़ों और यहां तक की घर के सामान का भी. राजस्थान के माउंट आबू में अरावली की पहाड़ियों पर बनी एक पर्वतमाला का भी नाम है. इसे गुरु शिखर के कहते हैं. खास इसलिए है क्योंकि यह अरावली पर्वतमाला का सबसे ऊंचा बिंदु है. ऊंचाई इतनी ज्यादा है कि तपती गर्मी में यहां ठंडक मिलती है | 

माउंट आबू के सुंदर नजारे गुरु शिखर से और भी खास दिखते हैं. यहां से कई कहानियां जुड़ी हैं. एक खास बात यह है कि राजसथान चाहे कितना तपे लेकिन यहां का माहौल कूल-कूल होता है | अरावली की पहाड़ियों के सबसे ऊंचे बिंदु को गुरु शिखर नाम मिला. इसके पीछे ऋषि वशिष्ठ की कहानी है, जो संत और तपस्वी थे. उन्होंने यहां तपस्या की. इसी वजह से लोगों ने इसे गुरु शिखर कहना शुरू कर दिया. यहां अहिल्या माता का मंदिर बना है. दत्तात्रेय मंदिर भी है, जहां ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा होती है. इसकी ऊंचाई 5,650 फीट है. इतिहासकार कर्नल जेम्स टॉड ने इस पर्वत चोटी को संतों का शिखर भी कहा था |  

गुरु शिखर लोग सिर्फ घूमने नहीं जाते. यहां से कई धार्मिक कहानियां भी जुड़ी हैं. यहां तक की देवताओं की बनाई एक झील से भी यह पर्वत जुड़ता है. इस झील का नाम है नक्की झील. देवताओं ने राक्षसों ने बचने के लिए इस झील को अपने नाखूनों से खोदा था. इसलिए इसका नाम नक्की पड़ा. लोग पहले झील के किनारे पूजा करते हैं और फिर शिखर पर जाते हैं. लोगों का कहना है कि ऋषियों ने जो तप किया था, उसकी उर्जा आज भी यहां मौजूद है. गुरु शिखर हमेशा ठंडा रहता है |  इसके पीछे का कारण है 5,650 फीट ऊंचाई |

 


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